कुरुक्षेत्र। ढांड रोड के समीप खेतों में धान रोपाई करते प्रवासी मजदूर। संवाद
कुरुक्षेत्र। जिले भर में धान रोपाई का कार्य शुरू हो गया है। प्रवासी मजदूरों ने इस कार्य को पूरा करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। जिले में इस बार एक लाख 20 हजार हेक्टेयर रकबे में धान रोपाई की जानी है।
जिला प्रशासन की ओर से 15 जून तक धान रोपाई पर रोक लगाई हुई थी। इससे पहले किसान खेतों को लगातार तैयार कर रहे थे ताकि 15 जून के तत्काल बाद ही धान रोपाई शुरू की जा सके। खेतों को तैयार करने में किसान गेहूं कटाई के कुछ दिनों बाद ही जुट गए थे। एक माह से धान की पनीरी तैयार की जा रही थी।
पिछले वर्ष भी करीब इतने ही रकबे में धान रोपाई की गई थी। वहीं धान रोपाई व सही बीज की जानकारी देने के लिए कृषि विभाग ने भी मोर्चा संभाल लिया है। जगह-जगह जागरूकता कैंप शुरू किए गए हैं।
जिले में धान रोपाई के लिए हर साल की तरह इस बार भी अधिकतर मजदूर बिहार से ही पहुंचे हैं। हालांकि ये पहले से ही अपने संपर्क के किसानों के पास पहुंचे हैं तो तैयार खेतों में रोपाई भी शुरू कर दी है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर भी है जो अनेक वर्षों से संबंधित किसानों के पास आते रहे हैं। मिर्जापुर के किसान रामबीर व राजा राम का कहना है कि उनके पास पिछले 10 साल से बिहार के मजदूर धान रोपाई के लिए आ रहे हैं।
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किसान पानी व्यर्थ न करें : डबास
कृषि उपनिदेशक डॉ आदित्य प्रताप डबास का कहना है कि किसानों को धान की सीधी बिजाई को भी तव्वजो देनी चाहिए। पानी को व्यर्थ न बहाएं। धान रोपाई से पहले कृषि विशेषज्ञों से अवश्य संपर्क करें।