कुरुक्षेत्र। किसानों के आंदोलन किए जाने के चार दिन बाद रविवार को भी धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। अभी तक खरीद महज गेटपास काटे जाने तक ही सिमट कर रह गई है। किसान खरीद के इंतजार में अनाज मंडियों में धान की पहरेदारी करने को मजबूर हैं जबकि अनाज मंडियों की स्थिति यह है कि जिधर देखो उधर धान ही धान नजर आ रहा है।
थानेसर अनाजमंडी में ही दो लाख 30 हजार क्विंटल से अधिक पीआर धान की आवक हो चुकी है जबकि जिले की अन्य मंडियों में 15 लाख क्विंटल से अधिक धान की आवक मानी जा रही है। थानेसर अनाजमंडी में 29 हजार 870 क्विंटल धान के करीब 350 गेट पास रविवार को काटे गए।
पहले दिन शनिवार को करीब 7700 क्विंटल धान के 100 से अधिक गेट पास काटे गए थे। वहीं जिले की अन्य अनाज मंडियों में भी दो दिन से गेट पास काटे जा हरे हैं। अब धान की खरीद कब होगी, यह बताने वाला कोई नहीं है।
उधर, लगातार आवक बढ़ने व पहली धान की खरीद व उठान न होने के चलते अनाज मंडियों में धान रखने के लिए भी जगह नहीं बच रही है। यहां तक कि अब धान सड़कों तक आने की उम्मीद बन चुकी है। ब्रह्मसरोवर के चारों ओर पिछले तीन दिन से धान डाला जाने लगा है। किसान पशोपेश में फंसे हैं कि आखिर धान की खरीद कब होगी जबकि किसान आंदोलन में किसानों के साथ जल्द खरीद शुरू करने का भरोसा दिया गया था।