कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह 18 अप्रैल को होगा, जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय करेंगे। मुख्य अतिथि के तौर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा शिरकत करेंगे। समारोह में 26 स्नातक व स्नातकोत्तर चिकित्सकों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित करेंगे।
खास बात है कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 26 चिकित्सकों में से 23 छात्राएं हैं। यह न केवल गर्व का विषय है, बल्कि बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता का एक शानदार उदाहरण है। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि कहा कि यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। गोल्ड मेडल विजेताओं में 23 छात्राओं का होना यह सिद्ध करता है कि जब बेटियों को समान अवसर और समर्थन मिलता है, तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं।
कुलपति प्रो. धीमान ने कहा कि दीक्षांत समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि यह नारी सशक्तिकरण की प्रेरणा भी बनेगा। आयुष विश्वविद्यालय बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि समारोह के लिए 171 विद्यार्थियों में से 126 विद्यार्थियों ने समारोह में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराया है। पंजीकृत विद्यार्थियों में स्नातक स्तर पर 46 विद्यार्थी हैं, जिनमें 30 छात्राएं और 16 छात्र शामिल हैं। वहीं स्नातकोत्तर में 41 पुरुष और 85 महिलाएं शामिल हैं।
मानद उपाधि से नवाजे जाएंगे वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा
कुलपति प्रो.धीमान ने कहा कि समारोह के दौरान प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य, पद्मविभूषण, पद्मश्री और राज वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा को मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय की ओर से आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के सम्मान में किया जा रहा है।
इन 26 विद्यार्थियों को मिलेगा स्वर्ण पदक बीएएमएस और बीएचएमएस की एक-एक छात्रा को, पीजी कौमारभृत्य बाल रोग विभाग, रचना शरीर विभाग, क्रिया शरीर विभाग, पीजी शल्य विभाग और पंचकर्म विभाग के 3-3 विद्यार्थियों को, पीजी आयुर्वेदिक समता एवं सिद्धांत, पीजी द्रव्यगुण विज्ञान, रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान विभाग, पीजी स्वस्थवृत, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, पीजी काय चिकित्सा विभाग, पीजी शालाक्य तथा पीजी अगद तंत्र विभाग के एक-एक विद्यार्थी को स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया जाएगा।
इनमें श्री धन्वतरि आयुर्वेदिक कॉलेज चंडीगढ़ से बीएएमएस (सत्र 2018-19) की छात्रा दीपावली, जेआर किसान होम्योपेथिक्स मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रोहतक से बीएचएमएस (2018-19) की छात्रा कोमल, श्री कृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल कुरुक्षेत्र से एमडी कौमारभृत्य बाल रोग विभाग (2019-20) के छात्र शेषन सिंह, एमडी क्रिया शरीर विभाग (2019-20) की छात्रा मोनिका सिंह, एमडी पंचकर्म विभाग (2019-20) की छात्रा रवीना, एमडी रचना शरीर विभाग (2019-20) की छात्रा रंजलि, एमडी कौमारभृत्य बाल रोग (2019-20) की छात्रा मोनिका गुप्ता, एमडी कौमारभृत्य बाल रोग (2020-21) की छात्रा सुनैना, एमडी क्रिया शरीर (2020-21) की छात्रा पूजा रानी, एमडी पंचकर्म (2020-21) की छात्रा पूजा, एमडी पंचकर्म (2020-21) की छात्रा नैना सरोया, एमएस शल्य (2020-21) के छात्र प्रदीप शर्मा, एमडी कौमारभृत्य बाल रोग (2021-22) की छात्रा उपासना, एमडी क्रिया शरीर (2021-22) की छात्रा साक्षी, एमडी पंचकर्म (2021-22) की छात्रा अंजली कंबोज, एमडी पंचकर्म (2021-22) की छात्रा प्रियंका, एमएस शल्य (2021-22) की छात्रा गुरप्रीत कौर, एमडी आयुर्वेदिक समता एवं सिद्धांत की छात्रा मनप्रीत गहलावत, एमडी द्रव्यगुण विज्ञान की छात्रा रितु, एमडी रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना की छात्रा सीमा, एमडी रोग निदान एवं विकृति विज्ञान की छात्रा गरिमा आनंद, एमडी स्वस्थवृत के छात्र प्रतीक, एमडी प्रसूति एवं स्त्री रोग की छात्रा सुधि कौशल, एमडी काय चिकित्सा की छात्रा प्रीति गहलावत, एमडी शालाक्य की छात्रा हिमांशी और एमडी अगद तंत्र की छात्रा तन्वी को स्वर्ण पदक दिया जाएगा।