कुरुक्षेत्र। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत कार्यरत सरप्लस टीजीटी शिक्षकों को शिक्षा विभाग द्वारा रिलीव किए जाने का पत्र जारी कर दिया गया है। इससे टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) पदों पर कार्यरत अस्थायी शिक्षकों में भारी रोष है। जिले में एचकेआरएन के माध्यम से कार्यरत करीब 200 टीजीटी शिक्षक हैं, जिन्हें सेवा से मुक्त होने का पत्र जारी किया जाने लगा है।
सरप्लस एचकेआरएन शिक्षकों को रिलीव करने के आदेश प्राथमिक शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए हैं। इस आदेश के बाद न केवल प्रभावित शिक्षकों ने बल्कि शिक्षक संघों ने भी इस फैसले की कड़ी निंदा की है। रिलीव पत्र मिले शिक्षकों ने इस फैसले को अमानवीय करार दिया है। उनका कहना है कि उनके पास न तो कोई अन्य नौकरी है और न ही स्थायी आय का स्रोत। ऐसे में सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि उन्हें मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है।
शिक्षक संघ ने की विभाग के फैसले की निंदा
शिक्षक संघ ने फैसले कि की राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने विभाग के इस कदम की कड़ी निंदा की है। संघ का कहना है कि एचकेआरएन के माध्यम से नियुक्त किए गए शिक्षक पिछले कई वर्षों से विभाग में सेवा दे रहे थे और उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे शिक्षकों को बेरोजगार करना मानवीय रूप से भी अनैतिक है। संघ के राज्य महासचिव राजेश शर्मा और प्रेस प्रवक्ता सूबे सिंह सुजान का कहना है कि सरकार को रोजगार देने के बारे में पुन: विचार करना चाहिए।