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प्राइवेट स्कूलों में निजी प्रकाशक की पुस्तकें लगाने का विरोध

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जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते पैरेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। प्राइवेट स्कूलों में निजी प्रकाशक की पुस्तकें लगाने के विरोध में सोमवार को पैरेंट्स एसोसिएशन ने जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2022-23 में निजी प्रकाशक की पुस्तकें लगाने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
एसोसिएशन के प्रधान जेपी सैनी व महासचिव मयंक बजाज ने कहा कि निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लगाने संबंधी दिशा-निर्देश शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को पहले ही दिए जा चुके हैं। वहीं निजी स्कूल एफएफआरसी एवं उच्च न्यायालय के स्तर पर अपनी कानूनी लड़ाई हार चुके हैं। अब निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलने वाली। स्कूल यूनिफार्म, पुस्तकों एवं स्टेशनरी को लेकर भी हरियाणा सरकार पहले ही स्कूल शिक्षा संबंधी नियमों में संशोधन कर चुकी है।
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पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा निदेशालय, हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार अब स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को ही अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। जो भी निजी स्कूल इन आदेशों का उल्लंघन करेगा, उसकी शिकायत मुख्यमंत्री मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर से करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने बताया कि स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लगाने संबंधी पत्र निजी स्कूलों को पहले ही जारी कर दिया गया है। उन्होंने मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का भी भरोसा दिया।
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स्कूल फीस बढ़ाने के खिलाफ अभिभावकों में गहरा रोष
पेरेंट्स एसोसिएशन एवं सभी अभिभावकों में नए शैक्षणिक सत्र 2022-23 में फीस वृद्धि के खिलाफ गहरा रोष है। एसोसिएशन के महासचिव मयंक बजाज ने बताया कि सरकार के नियमानुसार निजी स्कूल पिछले फार्म छह में दर्शाई गई फीस में 10.13 फीसदी की वृद्धि कर सकते हैं, लेकिन निजी स्कूलों ने फीस 20 से 30 फीसदी बढ़ा दी है। इस संदर्भ में शीघ्र ही बैठक कर कड़ा निर्णय लिया जाएगा।
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