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भाकियू का विरोध, नहीं पहुंचे भाजपा सांसद और प्रदेशमंत्री

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बाबैन। केंद्र सरकार के सात साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भाजपा की ओर से गांव रामसरन माजरा में आयोजित सेवा ही संगठन कार्यक्रम की भनक लगते ही सैकड़ों किसान गांव के बाहर एकत्रित हो गए। इस कार्यक्रम में सांसद नायब सैनी व भाजपा के प्रदेश महामंत्री पवन सैनी को शिरकत करनी थी। इससे पहले भाकियू के जिला महामंत्री अमरीक, ब्लॉक बाबैन के अध्यक्ष सतबीर सिंह के नेतृत्व में घेराव का कार्यक्रम बनाया गया और विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। लाडवा के डीएसपी भारत भूषण व बाबैन के थाना प्रभारी जगबीर सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल गांव में तैनात किया गया। इसके बाद सांसद और महामंत्री गांव में नहीं आए।
किसान नेता अमरीक सिंह, सतबीर सिंह, नायब सिंह, सुरत कपूर, राजेंद्र सैनी, मनोज, लाल सिंह, रमेश, सुखविंद्र, कर्मवीर दुहन, संजीव, दिलबाग सिंह, जरनैल, शक्ति सिंह, सतबीर, धर्मपाल ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को समाप्त नहीं कराएगी। तब तक भाकियू भाजपा के सांसद, विधायक व बड़े नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देगी। भाजपा के नेता जानबूझकर माहौल खराब करना चाहते हैं, ताकि भाकियू को बदनाम किया जा सके ,लेकिन वे अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे।
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उन्होंने कहा कि जब भाकियू ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि कृषि कानूनों के वापस होने तक वे भाजपा नेताओं को गांवों में नहीं आने देंगे तो माहौल खराब करने के लिए भाजपा नेता जानबूझ कर गांवों में क्यों आते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जब तक किसानों की फसलों के एमएसपी को कानूनी रूप नहीं देगी और तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी भाकियू का आंदोलन जारी रहेगा। शाम तक भाजपा नेताओं के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर भाकियू नेता वापस लौटे। इससे पहले उन्होंने भाजपा नेताओं का पुतला फूंका और सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
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