कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की इकाई की ओर से नई शिक्षा नीति-2020 के विषय पर खुली चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता संगठन के ऑल इंडिया पूर्व महासचिव डॉ. विक्रम सिंह रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा देश के विकास के लिए अहम जरूरत है। संविधान में आरटीई एक्ट के प्रावधान होने का अर्थ सबको शिक्षा मिलनी जरूरी है। एनईपी के तहत आंगनबाड़ी की तरह प्लेवे स्कूल खोले जाएंगे जो पांच किलोमीटर के दायरे में एक स्कूल होगा। इसके साथ स्कूली ढांचे में भी परिवर्तन होगा, जिसमें 5+3+3+4 का ढांचा लागू किया जाएगा। सीबीएसई बोर्ड लागू किया जाएगा, जिससे यह साफ है कि स्कूली शिक्षा का निजीकरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा-यूपी सहित अन्य राज्यों में लगातार स्कूल बंद किए जा रहे हैं और स्टेट बोर्ड को खत्म कर सीबीएसई में तब्दील किया जा रहा है। इंग्लिश मीडियम स्कूल बनाने के लिए मॉडल संस्कृति स्कूल बनाए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा में भी एनईपी के तहत बहुत सारे बदलाव किए जा रहे है। उच्च शिक्षा को रेगुलेट करने वाले संस्था यूजीसी को समाप्त कर एचईआई नाम की रेगुलेट बॉडी बनाई जाएगी। यूनिवर्सिटी नाम का कोई इंस्टीट्यूशन नहीं होगा सभी ऑटोनॉमस बॉडी होंगी। एनईपी के तहत चार वर्षीय कोर्स लागू किए गए हैं। क्रेडिट सिस्टम लागू कर विद्यार्थी प्रत्येक वर्ष कोर्स को छोड़ सकता है। इससे उच्च शिक्षा में ड्रॉप आउट लगातार बढ़ेगा। इस मौके पर राज्य सचिव मनजीत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।