कुरुक्षेत्र। ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, लेकिन अभी गिरोह का मुख्य सरगना गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने आरोपी संजीव रावत वासी गोशाला रोड दुधानी व अजहरुद्दीन अंसारी वासी टावर चौक दुधानी जिला दुमका (झारखंड) के कब्जे से एक मोबाइल, एक सिम कार्ड, तीन एटीएम कार्ड सहित 30 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस उप-अधीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि तीन मार्च को मनोज वासी लाडवा ने शिकायत में बताया था कि उसकी पत्नी का पंजाब नेशनल बैंक शाखा में अकाउंट है। इस अकाउंट पर एटीएम कार्ड भी बना हुआ है। दो दिन पहले 01 मार्च को उसकी पत्नी ने उसे एटीएम पिन जेनरेट करने के लिए कार्ड दिया था। उसने एटीएम मशीन से पिन जेनरेट करने की कोशिश की थी मगर पिन जेनरेट नहीं हुआ था। तब उसने इंटरनेट से कस्टमर केयर का नंबर लेकर बातचीत की थी। कस्टमर केयर में फोन करने पर अधिकारी ने उसे बताया कि वह एटीएम कार्ड को ऑनलाइन ही चालू करा देंगे। उसके लिए उसे मोबाइल पर मिले ओटीपी की जानकारी उसे देनी होगी। इसके बाद उसने जैसे-जैसे उसे प्रक्रिया बताई वह करता गया। जब उसके मोबाइल पर ओटीपी नंबर आया तो उसने वह ओटीपी नंबर व्यक्ति को दे दिया, जिसके बाद अकाउंट से एक लाख 97 हजार 500 रुपये कटने का मैसेज आया था। ठगी का शिकार होते ही उसने मामले की शिकायत थाना लाडवा में दर्ज कराई थी। मामले की जांच साइबर क्राइम टीम को सौंपी गई थी। 23 जुलाई को पुलिस टीम ने गहनता से जांच करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य संजीव रावत व अजहरुद्दीन अंसारी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके आठ दिन के रिमांड पर लिया था। रविवार को पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके जेल भेज दिया है।