कुरुक्षेत्र। इस्कॉन के श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर ज्योतिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा जारी रखी। साक्षी गोपाल दास ने कथा में बताया कि भगवान श्री कृष्ण जी अर्जुन को बता रहे हैं कि मेरे अलावा आप जिसकी भी पूजा करोगे तो आपको इसी संसार में रहना पड़ेगा।
जो एक बार मेरे धाम वैकुंठ में चला जाता है उसके बाद दोबारा वापिस इस संसार में नहीं आना पड़ता। जिसे अपना आवागमन के चक्कर से छुटकारा पाना है तो उसे गोविंद का भजन करना ही पड़ेगा। कुंती पुत्र अर्जुन तुम घोषणा कर दो कि मेरे भक्त (भगवान श्री कृष्ण के भक्त) का कभी नाश नहीं होता, जिसको भगवान को प्राप्त करना है उसे अपने अंदर सतोगुण को प्रकट करना चाहिए इससे उसके अंदर भगवान के प्रति प्रेम पैदा होता है। रजोगुण और तमोगुण का त्याग करना चाहिए। और इनको त्यागने का एक ही उपाय है कि इस संसार मेरा कुछ नहीं है जो कुछ भी है सब भगवान का दिया हुआ है। ये जो भौतिक संसार है यह जन्म मृत्यु जरा व्याधि का भव सागर है। इस भक्ति का अनुसरण बाल्यावस्था में होने चाहिए। इस दौरान श्रद्वालु कथा के बीच भजनों पर झूमते रहे।