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अब दो शिफ्टों में उठेगा घरों से कूड़ा, लोगों को होगा फायदा

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शहर में अब दो शिफ्टों में घरों से कूड़ा उठाने के लिए टिप्पर आपके घर पर दस्तक देंगे। इससे जहां ऐसे लोगों को फायदा होगा जिन घरों में सभी नौकरी पेशा है और टिप्पर आने से पहले ही वे लोग अपने कार्यालय के लिए निकल जाते थे और कूड़ा उनके घर पर ही रह जाता था। इस समस्या का हल निकालने के लिए अब ये टिप्पर सुबह के अलावा शाम को भी आपके द्वार पर आएंगे। यह दिशा-निर्देश थानेसर के विधायक सुभाष सुधा की ओर से जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया को दिए गए। जिसके आधार पर उन्होंने नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर सिंह को व्यवस्था बनाने के आदेश दिए।
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कार्यकारी अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि पहली शिफ्ट में टिप्पर चालक व हेल्पर सुबह 6 से 3 बजे तक व दूसरी शिफ्ट में 3 से 12 बजे तक कूड़ा उठान करने का कार्य करेंगे। एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार भी रात के समय कूड़ा उठान का कार्य करना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए भी यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि दो शिफ्टों में होने वाली इस व्यवस्था को जल्द ही उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रकार से उन लोगों को फायदा होगा जो किसी कारणवश सुबह के समय टिप्पर सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे थे। वहीं जिला नगर आयुक्त गोगिया ने कहा कि सभी लोग टिप्पर चालक से कूड़ा रसीद जरूर प्राप्त करें और समय पर अपना यूजर चार्जेज दें। इसके अलावा नगर परिषद से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर नप कार्यालय द्वारा जारी हेल्प डेस्क जिसका नंबर 7419930100 है पर सूचित कर सकते हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 को लेकर नगर परिषद थानेसर के कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें स्वच्छता के प्रति कैसे लोगों को जागरूक किया जाए व गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग व उनका प्रयोग करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। नगर परिषद की सफाई शाखा से निरीक्षक संजय कुमार लांबा ने सक्षम युवाओं को बताया कि गीले कचरे के लिए हरे डस्टबिन, सूखे कचरे के लिए नीले डस्टबिन का प्रयोग किया जाना चाहिए। गीले कचरे की बात करें तो उसमें घरों के किचन से निकलने वाला कूड़ा व घरों में बनाए पार्क-गार्डन इत्यादि से निकलने वाली फूल-पत्तियां होती है। यदि इनके लिए घरों में अलग कूड़ादान होगा तो इस कचरे से खाद बनाई जा सकती है। वहीं सूखे कचरे में प्लास्टिक, पेपर, लोहा, बोर्ड व अन्य वस्तुएं आती हैं। यदि इनके लिए नीले रंग का डस्टबीन घरों में होगा तो इन्हें रीसाइक्लिंग करने में परेशानी नहीं होगी। इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन के जिला सहयोगी रजत कुमार, सहायक आकाश, सुपरवाइजर सोनिया शर्मा, मंजीत सिंह, मलकीत व सतबीर मौजूद रहे।
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