फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथ धोना न भूलें कभी, क्योंकि हाथ धोने से घटता है आंखों और आंतों में संक्रमण होने का खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
हाथों की धुलाई के प्रति जागरूकता पैदा करने के मकसद से पूरे विश्व में 15 अक्तूबर को 'ग्लोबल हैंडवाशिंग डे' यानी विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है। कोरोना महामारी के बीच दुनिया भर में इस दिवस का महत्व और भी बढ़ जाता है। बार-बार हाथ धोने से कोरोना संक्रमण से ही बचाव नहीं होता, बल्कि हाथ धोने से आंखों एवं आंतों में संक्रमण होने का खतरा भी काफी कम होता है। विश्व हाथ धुलाई दिवस पर लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और हृदय एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने बताया की विद्यालयों में सिखाया जाता है कि खाना खाने से पहले हाथ धोने चाहिए। अगर इन बातों को हम अपने हाथों में शुमार कर लें तो यह दैनिक दिनचर्या में शामिल हो जाती है, लेकिन दुर्भाग्य से दुनिया भर में कई लोग आज भी इसके प्रति जागरूक नहीं हैं।
विज्ञापन

19वीं सदी तक अस्पतालों में भी हाथ धोने की कोई परंपरा नहीं थी। सर्वप्रथम दुनिया को हाथ धोने के महत्व के बारे में हंगरी के डॉक्टर इग्नाज सेमेलिवस ने बताया था जिन्होंने 1840 में वियना में हाथ धोने की व्यवस्था को लागू किया, जिससे उस दौरान हो रही मौतों की संख्या में कमी आई। उस समय दुनिया को रोगाणुओं के बारे में बिलकुल नहीं पता था और डॉक्टर तक यह मानने को तैयार नहीं थे कि अस्पतालों में गंदगी की वजह से संक्रमण फैलता है। डॉ.ममगाईं ने बताया कि इस वर्ष इस दिवस की थीम है 'हैंड हाइजीन फॉर ऑल' यानी सभी के लिए हाथों की स्वच्छता। हमारे हाथों में अनदेखी गंदगी छिपी होती है जो किसी भी वस्तु को छूने, उसका उपयोग करने और कई तरह के दैनिक कार्यों के कारण होती है। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से साबुन पानी से हाथ धोने से सर्दी, फ्लू और कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है। इससे आंखों के संक्रमण पर भी रोक लग जाती है जो हाथों के माध्यम से बैक्टीरिया और कीटाणुओं के साथ आंखों में चली जाती है।
इसके अलावा नियमित रूप से हाथ धोने से कीटाणुओं और बैक्टीरिया को दूर करने में मदद मिलती है जो दस्त और आंतों की बीमारियों का कारण बन सकते हैं। डॉ. शैली ने बताया अपने हाथों को साफ और बहते पानी से गीला करें, नल बंद कर साबुन लगाएं, हाथों के पीछे अपनी उंगलियों के बीच और अपने नाखूनों के नीचे अच्छे से रगड़ें, कम से कम 20 सेकंड के लिए साबुन से हाथों को मलें, इसके बाद नल खोल कर हाथों को पानी से धोएं और उसके बाद हाथों को एक साफ तौलिए या हवा से सुखाएं। दरअसल यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का ही एक हिस्सा है क्योंकि हाथ की धुलाई से न केवल कई बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि यह बेहतर और एक अच्छे स्वास्थ्य के प्रति सजग कदम होगा, तभी हम एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें