कुरुक्षेत्र। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) की ओर से भारतीय भाषाओं को बल देने के लिए देशभर में फिजिकल ट्रेनिंग, योगा, पर्फोमिंग व विजुअल आर्ट तथा संस्कृत के इंटिग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) आरंभ किए जा रहे हैं, ताकि शिक्षण संस्थानों के लिए अच्छे शिक्षक तैयार किए जा सके। इसके लिए पूरी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है और अगले सत्र से ही कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
यही नहीं, चार साल की बीए बीएड के बाद अब एक साल की बीएड भी शुरू की जा रही है ताकि जो छात्र चार साल की बीए करेंगे वे एक साल की बीएड कर सकें। इसी के साथ एनसीटीई द्वारा एक साल की एमएड भी शुरू की जाएगी। यह जानकारी एनसीटीई के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोड़ा ने सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के बाद सीनेट हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) प्रयास कर रहा है। इसी के चलते शिक्षक शिक्षा से संबंधित संस्थानों में दी जाने वाली सुविधाओं का मानक निरीक्षण किया जा रहा है लेकिन हरियाणा में इसके प्रति अनेक संस्थान गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। 779 शिक्षक शिक्षा संस्थानों में से 155 शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं।
इन संस्थानों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट ही जमा नहीं करवाई है और ऐसे में ये फर्जी ही माने जा रहे हैं। पूरे देश में ऐसे तीन हजार संस्थान है, जो फर्जी होने के तौर पर चिंहित किए गए हैं। लेकिन अब ऐसे संस्थान नहीं चल पाएंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने का मुख्य साधन शिक्षा है। अच्छे शिक्षक तैयार करना एनसीटीई का मुख्य कार्य है।