कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में अनुसंधान अखंडता और वैज्ञानिक संचार के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड नई दिल्ली के सीईओ प्रो. डॉ़ महेश दादिच मुख्य तौर पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के शोध कार्य आज के युग की मांग है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड शोधार्थियों की क्षमता बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रहा है। शोध और नवाचार एक सतत प्रक्रिया है।
उन्होंने पूर्व में हुए विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के प्रसंगों का जिक्र किया। प्रो. महेश ने आवला का प्रयोग उसकी गुठली के साथ करने पर श्वेत प्रदर में होने वाले लाभ के बारे में बताया कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने इस 11 दिवसीय आयोजन के लिए प्रो. बृजेन्द्र सिंह तोमर और इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम की पूरी टीमका मार्गदर्शन दर्शन करते हुए कहां की अगर इस लिए हुए ज्ञान का उपयोग न हो उस का कोई फायदा नहीं होगा। अनुसंधान करने से ही हम आयुर्वेद की उपयोगिता को संसार को दिखा सकते हैं।