कुरुक्षेत्र। अदालत ने बिमला हत्याकांड के चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ अलग-अलग धाराओं के तहत 33 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना सदर थानेसर पुलिस को दी शिकायत में पिपली अनाजमंडी के आढ़ती एवं बीड़ पिपली वासी हरजीत सिंह ने बताया था कि उनका गांव के ही जसविंदर सिंह के साथ जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा है। गत 23 मई को वह दुकान बंद करके घर आया तो उक्त आरोपी अपने साथियों के साथ उसके घर पर लाठी डंडे, लोहे की राॅड लेकर आ गया और उसके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। जब उन्होंने विरोध किया तो हमला कर दिया। शोर सुनकर आए लोगों ने बीच बचाव किया।
हमले में उसकी माता बिमला देवी को काफी चोटें आईं। उसे स्थानीय नागरिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया, जहां से उसे एलएनजेपी नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
अतिरिक्त जिला न्यायावादी प्रदीप मलिक ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थाना सदर थानेसर में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के बाद हत्या के आरोप में राजिंद्र, जसविंदर सिंह, मनदीप सिंह उर्फ मंजीत और परमजीत कौर वासी बीड पीपली को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर उम्रकैद और अलग-अलग धाराओं में उक्त जुर्माना भी लगाया है।