कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन संस्थान के सेमिनार हॉल में पर्यावरण एवं स्थिरता विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया होगा, जिसमें प्रतिष्ठित विद्वान सतत पर्यावरण, अपशिष्ट प्रबंधन, परिपत्र अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को लेकर व्यावहारिक मंथन करेंगे तथा 175 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। राष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक एवं डीन निदेशक लाइफ साइंस प्रो. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि पर्यावरण सजगता को लेकर होने वाले इस राष्ट्रीय सम्मेलन में बुद्धिजीवी व्यावहारिक मंथन करेंगे जो कि वर्तमान में पर्यावरण संतुलन के लिए आने वाली चुनौतियों एवं समस्याओं को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा। जीजेयू कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई बतौर मुख्यातिथि तथा कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा बतौर अध्यक्षता कर सम्मेलन में अपना उद्बोधन देंगे।
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन सतत पर्यावरण विकास की दिशा में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। सम्मेलन में प्रो. अनुभा कौशिक जीजीएस इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली बतौर मुख्य वक्ता अपना वक्तव्य देंगी तथा यह सम्मेलन ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों मोड में आयोजित होगा। सम्मेलन आयोजन के सचिव डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन के तीन प्लेनरी सत्रों में प्रो. अरुण के सराफ आईआईटी रुड़की, प्रो. वीक गर्ग, केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब बठिंडा तथा इंजीनियर पी. राघवेंद्र राव आईएएस पूर्व अध्यक्ष हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बतौर प्रमुख वक्ता उद्बोधन देंगे।