शाहाबाद। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब के बाहर नगरकीर्तन के स्वागत में खड़ी संगत। विज्ञप्त
शाहाबाद। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, शहीद भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दियाला की 350वीं पावन शहादत को समर्पित दिल्ली के चांदनी चौक से सजा नगर कीर्तन गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में रात्रि ठहराव के लिए पहुंचा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र-छाया में सजे इस पवित्र नगर कीर्तन की अगुआई पंज प्यारों ने की। नगर कीर्तन के क्षेत्र में पहुंचने पर एसजीपीसी सदस्य हरभजन सिंह मसाना, विजय सिंह, सतनाम सिंह, परमजीत सिंह दुनिया माजरा, तेजिंदर सिंह ढिल्लों, हरियाणा सिख मिशन के इंचार्ज सुखविंदर सिंह, जगदेव सिंह गाबा सहित बड़ी संख्या में संगत ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
जगदेव सिंह गाबा ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के बाद भाई जैता जी (भाई जीवान सिंह जी) ने गुरु जी का पवित्र शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब पहुंचाया था, जहां गुरुद्वारा शीशगंज साहिब आनंदपुर साहिब में उसका अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने बताया कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर साहिब के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य धर्म प्रचार कमेटी की ओर से यह नगर कीर्तन मंगलवार सुबह गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, चांदनी चौक दिल्ली से सीस मार्ग नगर कीर्तन के रूप में रवाना किया गया, जो वीरवार को शाहाबाद पहुंचा है।
नगर कीर्तन आगे मोहड़ा, शाहपुर मछौंडा, अंबाला-पल्टन चौक, नाहन हाउस चौकी नंबर चार, गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, गुरुद्वारा मंजी साहिब अंबाला, बलदेव नगर, डेरा बस्सी, भांखरपुर, गुरुद्वारा श्री नाभा साहिब जीरकपुर, खरड़, रोपड़, गुरुद्वारा बीबनगढ़ साहिब कीरतपुर साहिब से होता हुआ गुरुद्वारा शीशगंज साहिब श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा।
शाहाबाद। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब के बाहर नगरकीर्तन के स्वागत में खड़ी संगत। विज्ञप्त