कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी पर स्याही हमले के छह दिन बाद शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे से धारा 307 हटा ली। एफएसएल जांच में पाया गया है कि सैनी पर फेंकी गई स्याही में ऐसा कोई केमिकल नही था, जिससे जान का खतरा हो सके।
मुधबन लैब भेजी गई स्याही की रिपोर्ट मिलने के बाद शाम को पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार वार्ता में आरोपियों से 307 हटाए जाने का खुलासा किय। इससे पहले दिन में खाप प्रतिनिधि पंचकूला में डीजीपी से मिले थे और आरोपियों पर दर्ज एफआईआर से धारा 307 हटाने की गुहार की थी। एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि सांसद पर फेंके गए स्याहीनुमा पदार्थ को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट मिल चुकी है। स्याही में जानलेवा केमिकल नहीं होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने धारा 307 हटाए का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि सांसद सैनी पर 16 अक्तूबर को दोपहर बाद उस समय स्याही फेंकी गई थी जब वह मैढ़ क्षत्रिय सुनार धर्मशाला में महाराजा अजमीढ़ जयंती समारोह को संबोधित करने के बाद खाना खाने के लिए निकले। समारोह स्थल से कुछ ही कदम दूर चले थे कि पांच युवकों ने उन पर हमला कर दिया। सांसद के अनुसार आरोपियों ने पहले सेल्फी लेने के बहाने उन पर केमिकल फेंका और गला दबाने का प्रयास किया। जब तक सांसद के आस-पास चल रहे लोग कुछ समझ पाते, आरोपी घटना को अंजाम दे चुके थे।