कुरुक्षेत्र। नए लेबर कोड के खिलाफ प्रदर्शन करते मासा से जुडे़ लोग। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) के घटक संगठनों ने जन संघर्ष मंच हरियाणा, निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन और मनरेगा मजदूर यूनियन ने केंद्र सरकार की ओर से 21 नवंबर को लागू की गई चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के खिलाफ बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही लेबर कोड वापस न लेने पर 14 दिसंबर को जिला स्थित मुख्यमंत्री आवास के सामने विशाल मजदूर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। नए बस अड्डे से शुरू हुए प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूरों ने चारों लेबर कोड और श्रम शक्ति नीति-2025 के मसौदे की प्रतियां जलाकर रोष व्यक्त किया। इसके बाद सभी लघु सचिवालय पहुंचे और वहां चल रहे संयुक्त कर्मचारी-किसान धरने में शामिल हो गए। प्रदर्शनकारी सुदेश कुमारी ने कहा कि मोदी सरकार ने देशव्यापी विरोध के बावजूद पूंजीपतियों के हित में बनाई गई इन मजदूर-विरोधी संहिताओं को लागू कर दशकों की मेहनत से हासिल श्रम अधिकारों पर कुठाराघात किया है। 29 पुराने श्रम कानून खत्म कर यूनियन बनाने, हड़ताल करने, सामूहिक सौदेबाजी जैसे मौलिक अधिकार लगभग समाप्त कर दिए गए हैं। फिक्स्ड-टर्म रोजगार, हायर एंड फायर नीति और 300 तक कर्मचारियों वाली इकाइयों को बिना अनुमति छंटनी की छूट मजदूरों को पूरी तरह असुरक्षित बना देगी। उन्होंने कहा कि श्रम शक्ति नीति-2025 को मनुस्मृति की सोच पर आधारित बताते हुए इसे संविधान-विरोधी करार दिया।