कुरुक्षेत्र/शाहाबाद/इस्माईलाबाद। मारकंडा का जलस्तर रविवार को घटने के बाद अगले ही दिन सोमवार को फिर बढ़ने लगा।शाहाबाद में मारकंडा नदी शाम पांच बजे 23 हजार 155 क्यूसेक जलस्तर के साथ उफान पर पहुंच गई। इसके चलते आसपास के एरिया में बाढ़ का खतरा बना रहा। झांसा में सोमवार शाम करीब पांच बजे मारकंडा का जलस्तर 10 हजार 398 और जलबेहड़ा में 9833 क्यूसेक रहा। पहाड़ों में हुई बारिश के चलते रात को और भी जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी। इसके चलते जिला प्रशासन अलर्ट रहा और पिहोवा व शाहाबाद के कई स्कूलों की मंगलवार के लिए छुट्टी कर दी गई।
आपात हालात से निपटने के लिए दिनभर मिट्टी के भरे कट्टों से लेकर जेसीबी व अन्य सामान भी नदी के आसपास जुटाए जाते रहे। एसडीएआरएफ की टीमें भी शाहाबाद व झांसा में तैनात कर दी गईं, जो उचित व्यवस्था बनाने में जुटी रहीं।
मारकंडा में बढ़े जलस्तर के चलते लगातार दूसरे दिन भी झांसा गांव के पास एसवाईएल में गेट खोले गए जिनके जरिये इस नहर में मारकंडा से करीब पांच हजार क्यूसेक पानी उतारा गया। यही नहीं मारकंडा के आसपास गांव कठवा, गुमटी, तंगौर, मलकपुर, रूपनगर, पट्टी जमाड़ा सहित अन्य गांवों के लोगों के खेतों में जलभराव के चलते समस्या कम नहीं हुई। गांव कठवा में हुए कई फीट तक जलभराव को कम करने के लिए सड़क को प्रशासन की ओर से काटा गया। रविवार को रातभर जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा शाहाबाद, इस्माईलाबाद क्षेत्र का जायजा लेते रहे। सभी प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट रहने के आदेश दिए गए हैं।
पटवारी और ग्राम सचिव 24 घंटे गांवों में रहकर करेंगे रिपोर्ट
जलभराव की स्थिति को समय से नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने सोमवार को तैयारी तेज कर दी। पटवारी और ग्राम सचिव को 24 घंटे अपने-अपने संबंधित गांव की रिपोर्ट देने को कहा गया है। ग्रामीण भी रात को ठीकरी पहरा दे रहे हैं। जिले में कंट्रोल रूम 24 घंटे चल रहा है। साथ ही अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है।
घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति नियंत्रण में : डीसी
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा का कहना है कि प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। जिले में स्थिति नियंत्रण में है। जिलावासियों को घबराने की जरूरत नहीं है। कोई भी जानकारी कंट्रोल रूम नंबर 01744-221035 पर किसी भी समय दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल व उत्तरी क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। सुबह करीब 42 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। झांसा में भी नदी में जलस्तर खतरे के निशान पर रहा।
जरूरी होने पर ही घरों से निकलने की अपील
जिला उपायुक्त ने मारकंडा के आसपास के लोगों से अपील की है कि वे बिना कारण घर से बाहर न निकलें। जरूरी होने पर पानी की स्थिति का पता करने के बाद ही बाहर जाएं। एसडीआरएफ को एहतियात के तौर पर झांसा व शाहाबाद एरिया में मदद के लिए लगाया गया है।
जिले के 75 गांव माने जा रहे प्रभावित, खोला पोर्टल
उपायुक्त के मुताबिक 13 और 14 अगस्त को हुई बारिश के बाद ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था। इस पोर्टल में जिले के बरसात से प्रभावित 75 गांवों को शामिल किया है। मौजूदा जलभराव की स्थिति से यदि इनके अतिरिक्त कोई गांव प्रभावित होता है तो उसको भी पोर्टल में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसान किसी कारण से पोर्टल पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं तो उन गांवों में प्रशासन की तरफ से विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा।