कुरुक्षेत्र। गढ़ी रोड़ान गांव में सरस्वती सरोवर की खुदाई के दौरान महाभारत कालीन समय का रेत मिला है। बोर्ड की तकनीकी टीम ने इस रेत के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया। जांच रिपोर्ट में खुलासा होगा है कि यह कितना पुराना है। यह रेत सरस्वती खुदाई में आदि बद्री मुगलवाली, मरचेहड़ी व बिहोली गांव में मिले रेत जैसा प्रतीत हो रहा है।
रेत मिलने की सूचना पर उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह वीरवार को गांव गढ़ी रोड़ान में 10 एकड़ में बनने वाले सरस्वती सरोवर का निरीक्षण करने पहुंचे और वे भी आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने तुरंत इस रेत के नमूने लेने के लिए सरस्वती बोर्ड के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। बोर्ड की टीम ने रेत के नमूने एकत्रित करके रेत की डेटिंग करने के लिए लैब में भेज दिए हैं। उपाध्यक्ष ने कहा कि कुरुक्षेत्र के लिए यह एक अच्छी खबर है कि सरस्वती सरोवर की खुदाई के दौरान प्राचीन समय का रेत मिला है। यह रेत संभवत: महाभारत कालीन सरस्वती नदी के समय का रेत है, क्योंकि इससे पहले इस प्रकार का रेत आदिबद्री उद्गम स्थल मुगलवाली, मरचेहड़ी और बिहोली में भी मिल चुका है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही रेत की प्राचीनता का पता लग पाएगा।
उन्होंने कहा कि गढ़ी रोड़ान गांव में बनने वाले सरस्वती सरोवर से करोड़ों लीटर पानी का रिचार्ज होगा। इससे पहले भी बोर्ड द्वारा कई गांवों में पानी के रिचार्ज के सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस जिले को डार्क जोन से निकालने के लिए सरस्वती चैनल के नजदीक बन रहे सरस्वती सरोवर वरदान साबित होंगे। इस समय इस क्षेत्र का वाटर लेवल लगभग 150 मीटर नीचे है और उन्हें उम्मीद है कि इन सरोवरों से भूजल स्तर में सुधार होगा।