संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिला डार्क जोन की स्थिति से जूझ रहा है और प्रति वर्ष लगभग एक मीटर के जल स्तर कम होता जा रहा है। टीम ने गांवों को दौरा कर ग्रामीणों के घटते भूजल स्तर के प्रति जागरूक कर पानी बचाने के लिए प्रेरित किया।
सामुदायिक भागीदारी से भूजल प्रबंधन के लिए पिहोवा, लाडवा और शाहाबाद के 189 गांवों में अटल भूजल योजना चल रही है। भूजल विशेषज्ञ डॉ. नवीन नैन के मार्गदर्शन में बुधवार को टीम ने डार्क जोन की स्थिति के समाधान के लिए शाहाबाद प्रखंड के नए 12 गांवों का दौरा किया। इन गांवों में बैठकों का आयोजन कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। डॉ. नैन ने 12 गांवों में भूजल का वर्तमान परिदृश्य प्रस्तुत किया और पाया कि इन 12 गांवों का जल स्तर 150 फीट से 172 फीट के बीच है।
डॉ. नैन ने ग्रामीणों को बताया कि उत्कृष्ट जल सुरक्षा योजना 12 गांवों के निकट भविष्य में भूजल से संबंधित अधिकतर समस्याओं को निश्चित रूप से दूर कर देगी। सभी जल सुरक्षा योजना ग्रामीणों के सुझावों और जानकारियों की मदद से तैयार की जा रही है क्योंकि ग्रामीण अपने गांव की समस्याओं को अच्छी तरह से जानते हैं।
वरिष्ठ आईईसी विशेषज्ञ रामफल शर्मा ने ग्रामीणों को प्रति वर्ष 12 गांवों के जलस्तर में कमी की दर के बारे में बताया और इसके लिए वृद्ध लोगों के सुझावों के साथ एक उत्कृष्ट ग्राफ बनाया। इस ग्राफ में यह पाया गया कि जल स्तर की घटती दर बहुत अधिक है और निकट भविष्य में भूजल सिंचाई और पीने के उद्देश्यों के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
वरिष्ठ आईईसी विशेषज्ञ अजय कसाना ने भी सभी ग्रामीणों को भावी पीढ़ी के लिए भूजल बचाने की उत्कृष्ट शपथ दिलाई। 12 गांव के बुजुर्गों ने बताया कि करीब 30 साल पहले उनके गांव का जलस्तर करीब 15 फुट था जोकि आज 170 तक पहुंच गया है। कनिष्ठ जलविज्ञानी बारू राम सागवाल ने भी भूजल सर्वेक्षण किया और सक्रिय ग्रामीणों और जल समिति के सदस्यों की मदद से उत्कृष्ट जलभृत नक्शा बनाया।