जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए गांव बड़तौली के जगमीत सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक गांव बड़तौली लाया गया।
गांव में नम आंखों से गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। आसपास के गांव के सैकड़ों युवा जगमीत सिंह के सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज लेकर लाडवा-शाहाबाद रोड पर एकत्रित हुए, जैसे ही जगमीत का शव पहुंचा गांव की सीमा में पहुंचा उसे विशाल काफिले के साथ उनके गांव बड़तौली तक लाया गया। शहीद का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो गांव में शोक की लहर में डूब गया। परिजनों का जहां रो-रो कर बुरा हाल था वहीं उनको जगमीत की शहादत पर गर्व भी है।
जगमीत की माता कुलविंद्र कौर और पिता मक्खन सिंह का कहना है की उनको अपने बेटे की शहादत पर गर्व है जो देश के लिए काम आया है।
अंतिम संस्कार पर पहुंचे कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांव बड़तौली की धरा धन्य है जिसने जगमीत सिंह जैसे सपूत को जन्म दिया है। जगमीत सिंह ने देश की सेना में सेवा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देकर गांव, प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने का काम किया है। मैं अपने प्रदेश के इस वीर सपूत को बार-बार सलाम और नमन करता हूं। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से भी मांग करते हुए कहा जगमीत सिंह के युवा अवस्था में अचानक परिवार को छोड़ कर चले जाने की पूर्ति तो संभव नहीं है परंतु सरकार आश्रित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाए।
लाडवा विधायक मेवा सिंह ने भी शहीद जगमीत सिंह को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जगमीत सिंह के परिवार को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाएं और उनके नाम पर गांव में खेल स्टेडियम का निर्माण हो।
पूर्व सांसद कैलाशों सैनी ने कहा कि हम सभी नागरिकों को इन वीर जवानों पर गर्व होना चाहिए क्योंकि इन्हीं जवानों के कारण ही हम सभी रात को चैन की नींद सोते हैं। पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी ने कहा कि हमें अपने सैनिकों की शहादत को कभी नहीं भूलाना चाहिए। हमारे सैनिक अपनी सभी सुख सुविधाएं और परिवार को छोड़ कर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए दिन-रात तैनात रहते हैं जिन पर हमें गर्व है। इन वीर सपूतों के बलिदान से समाज के आम नागरिक को प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र भक्ति के भाव से देश की सेवा करनी चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी, भाजपा नेता धुम्मन सिंह, हरप्रीत सिंह चीमा, जसविंद्र खैहरा सहित राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उधर, युवाओं ने जगमीत सिंह अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा जगमीत तेरा नाम रहेगा के नारों से आसमान को गुंजायमान बना दिया। सभी ने नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।