बैठक के बाद जानकारी देती शिरोमणि अकाली दल हरियाणा की महिला विंग की प्रदेशध्यक्षा बीबी रविंदर कौ?
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शिरोमणि अकाली दल हरियाणा की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष बीबी रविंद्र कौर अजराना ने जम्मू-कश्मीर की अधिकारिक भाषाओं से पंजाबी भाषा के बहिष्कार पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि पंजाबी न केवल जम्मू-कश्मीर राज्य के एक बड़े हिस्से की मातृभाषा थी, बल्कि इसे जम्मू और कश्मीर के संविधान में भी मान्यता प्राप्त थी। बावजूद, पंजाबी भाषा के खिलाफ भेदभाव की खबरें समझ से परे हैं। वे गुरुद्वारा बैकुंठधाम में पार्टी की बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी दे रहीं थी।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से मांग की कि वे राज्य की अधिकारिक भाषा के रूप में पंजाबी की स्थिति को बहाल करें। अकाली दल ने हमेशा पंजाबियों की मातृभाषा के लिए न्याय की लड़ाई लड़ी है। पंजाबी भाषा का सिख समुदाय के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में अधिकारिक भाषाओं से पंजाबी का बहिष्कार अल्पसंख्यक विरोधी कदम है। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा संविधान में मान्यता प्राप्त अधिकारिक भाषाओं में से एक थी। ये दुनिया भर में पंजाबियों की मातृभाषा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब और उसके पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर को एक विशेष दर्जा प्राप्त है, इसलिए किसी भी तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।