कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कुवि) के मेस कर्मचारियों में मांगें पूरी न होने से रोष गहराता जा रहा है। शनिवार को उन्होंने बैठक कर सालाना वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की। साथ ही कुवि प्रशासन को 17 अगस्त तक की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि मांगे पूरी न होने पर कड़ा आंदोलन किया जाएगा।
हॉस्टल मेस वर्कर यूनियन के प्रधान रजनीश मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को क्रांति पार्क में कर्मचारियों की बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर गर्ल हॉस्टल की चीफ वार्डन को 13 जुलाई को पत्र दिया गया था, जिसमें बताया था कि जिन कर्मचारियों को काम करते दो साल हो गए हैं उनका ब्रेक हटाया जाए। सालाना वेतन में वृद्धि की जाए और पहले की भांति ब्रेक एक दिन का किया जाए। जिन कर्मचारियों की शैक्षिक सत्र की छुट्टी होने के बावजूद भी उनका वेतन काटा गया है। उसे वापस किया जाए और ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को नई भर्ती न दिखाया जाए।
कर्मचारियों के नियमानुसार 52 रेस्ट ही दिए जाने के साथ-साथ 15 दिन का चिकित्सा अवकाश भी दिएं जाएं। लगातार नौकरी कर रहे कर्मचारियों को 89 दिनों का हवाला देकर ब्रेक न दिया जाए। कर्मचारियों ने रोष जताते हुए कहा कि एक महीना बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों व समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया बल्कि उन्हें और ज्यादा परेशान किया जाने लगा है। गर्ल्स हॉस्टल में कर्मियों को और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में वर्करों में रोष बढ़ता जा रहा है। अब 17 अगस्त तक भी केयू प्रशासन ने उनकी मांगों की अनदेखी की तो वे कड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। महिला उपप्रधान पूनम ने कहा कि कर्मचारियों को ब्रेक देना प्रशासन का बिल्कुल गलत निर्णय है। अचानक बोल देना कि आज से 10 दिन का ब्रेक है, महिलाएं कहां काम ढूंढने जाएगी ऐसे तो बेरोजगारी पनपेगी। छुट्टी मांगने पर छुट्टी नहीं दी जाती और कहा जाता है कि एक दिन पहले बताया करो, अगर इमरजेंसी छुट्टी लेनी पड़े तो मना कर दिया जाता है। बैठक में यूनियन के प्रधान रजनीश मिश्रा, उपप्रधान उमाशंकर, उपप्रधान पूनम देवी, कोषाध्यक्ष अमन कुमार, प्रेस सचिव कृष्ण चंद सैनी, महासचिव सुभाष पारचा, ऑडिटर सुशील, गंगा देवी, रेशमा, दीक्षित व अन्य सैंकडोें कर्मचारी मौजूद रहे।