कुरुक्षेत्र। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की ओर से सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए कौशल-आधारित ग्रेजुएशन डिग्री प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसके लिए तीनों सेनाओं ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किए हैं। योजना के तहत पांच कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसमें बीएएएस-बैचलर ऑफ आटर्स (एप्लाइड स्किल्स), बीएएएसटीएम-बैचलर ऑफ आटर्स (एप्लाइड स्किल्स) पर्यटन प्रबंधन, बीएएएसएमएसएमई-बैचलर ऑफ आर्ट्स (एप्लाइड स्किल्स) एमएसएमई, बीसीओएमएएस-बैचलर ऑफ कॉमर्स (एप्लाइड स्किल्स) और बीएससीएएस-बैचलर ऑफ साइंस (एप्लाइड स्किल्स) शामिल हैं।
क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डाॅ. धर्म पाल ने बताया कि इन कार्यक्रमों को इग्नू के कुलपति प्रोफेसर नागेश्वर राव और एयर मार्शल एसके झा ने लॉन्च किया है। इस दौरान अग्निवीरों के लिए डिजाइन किया गया एक विशेष प्रवेश पोर्टल भी शुरू किया गया। ये कार्यक्रम अनुशासन-आधारित पाठ्यक्रमों और कौशल पाठ्यक्रमों का एक अनूठा मिश्रण है। कार्यक्रम में 120 क्रेडिट शामिल हैं, जिनमें से 60 क्रेडिट के पाठ्यक्रम इग्नू द्वारा पेश किए जाते हैं, जबकि शेष 60 क्रेडिट सशस्त्र बलों द्वारा सेवाकालीन कौशल शिक्षा के रूप में पेश किए जाते हैं। सशस्त्र बलों द्वारा पेश किए जाने वाले कौशल पाठ्यक्रमों को कौशल शिक्षा के लिए नियामक संस्था, राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) द्वारा अनुमोदित किया जाता है। ये कार्यक्रम कौशल शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा के एकीकरण के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिश के अनुरूप भी है।उन्होंने कहा कि इग्नू की इस पहल से अग्निवीरों को सेवा के दौरान स्नातक की डिग्री प्राप्त करने में मदद मिलेगी और सेवा के बाद उनकी रोजगार क्षमता में सुधार होगा। संवाद