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महज एक ट्यूबवेल के सहारे हैं 600 घरों के लोग

Sun, 05 Feb 2017 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कुरुक्षेत्र
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धर्मनगरी को प्रदेश के स्वच्छ शहरों में शामिल किए जाने व मॉडल शहर बनाए जाने के दावे आए दिन विधायक और डीसी करते हैं, यह दावे वार्ड नं 27 में खोखले हैं। आलम यह है कि लोगों को बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। वार्ड के लोगों ने बताया कि पीने के पानी के लिए हमें दर-दर भटकना पड़ता है। बाशिंदों ने बताया कि इस बारे में हम विधायक व विभाग दोनों को ही बता चुके हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का निदान तो दूर हकीकत को देखने भी कोई नहीं आया। वार्ड के लोगों ने आरोप लगाया कि उनके साथ जानबूझ कर भेदभाव किया जा रहा है। 600 घर में रहने वाले करीब 3500 मतदाताओं वाले इस वार्ड में कल्याण नगर व आजाद नगर, न्यू शांति नगर तथा नरकातारी शामिल है जहां के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। महज एक ही ट्यूबल का भरोसा है। लोगों का आरोप है कि पानी ही नहीं सफाई, सड़क, लावारिस पशु और सीवरेज की समस्या से हम लोग तंग आ चुके हैं।   
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गंदगी के लग रहे ढेर : रामस्वरूप                         
वार्डवासी रामस्वरूप ने कहा कि सफाई को लेकर नगर परिषद व प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि आजाद नगर में 40 फुटा रोड पर कहीं पर एक भी डस्टबीन तक नहीं रखवाया जा सका है। यहां 15 से 20 दिनों में एक-दो बार सफाईकर्मी आते हैं तो वहीं कई कॉलोनियां तो ऐसी भी है जहां आज तक कोई सफाई कर्मी व डंपर नहीं पहुंचा है।            

                     
डंपर केवल प्रचार के लिए : रतन सिंह                        
शांति नगर में बाईपास पर ही ढाबा चला रहे रतन सिंह का कहना है कि  यहां कूड़े व कचरे को उठाने के लिए डंपर कभी-कभार आते है, लेकिन वो भी कूड़ा उठाने के लिए नहीं प्रचार के लिए ही साबित हो रहे हैं। जब तक लोग घरों से कूड़ा लेकर निकलते है तो डंपर दिखाई भी नहीं देता। जिसके चलते कूड़े के ढेर बढ़ने लगे हैं।                        
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 आजाद नगर की आजादी छीन रहे लावारिस पशु : दयानंद                         
आजाद नगर निवासी दयानंद ने कहा कि लावारिस पशुओं ने लोगों के समक्ष बड़ी परेशानी खड़ी की हुई है। गलियों में बच्चों व महिलाओं का निकलना मुश्किल हो चुका है जबकि अनेकों बार इन पशुओं के चलते हादसे तक हो चुके हैं।                     
                   
यहां तो समस्या ही समस्या है सुविधा कोई नहीं : भाग सिंह                        
यहां समस्या ही समस्या है, सुविधा तो कहीं दिखाई नहीं देती। सफाई व्यवस्था से लेकर पेयजल व आवारा पशु से यहां के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां जब भी पानी आता है वो भी दूषित होता है।    

बाईपास निर्माण करना तो दूर सामग्री ही ले गए : रघबीर सिंह                        
बाईपास से दीदार नगर, शांतिनगर व कल्याण नगर से लेकर पिहोवा रोड भी जुड़ा है, लेकिन यह बाईपास ही कई फीट गहरे गढ्ढों में तब्दील हो चुका है। जिससे हर रोज हादसे हो रहे हैं तो कई लोग हादसों का शिकार भी हो चुके हैं। वहीं हल्की बारिश में भी यहां जलभराव हो जाता है। इस बाईपास के बड़े हिस्से का निर्माण कार्य कई माह से रूका पड़ा है। इसे पूरा करना तो दूर यहां से अधिकारियों ने निर्माण सामग्री ही उठवा ली और उसके बाद आज तक सुध नहीं ली गई।            
       
त्योहार के समय भी नजर नहीं आते सफाईकर्मी : गुरमीत कौर            
वार्डवासी गुरमीत कौर ने कहा कि सड़क पर आज तक उन्हें कभी भी सफाई कर्मी को झाड़ू लगाते हुए नहीं देखा है। यहां तक कि त्यौहार के समय भी यहां सफाई कर्मी नहीं आते। 
         
कूड़े व गोबर के लगे ढेर: जगत राम            
क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। अधिकतर क्षेत्र में अवैध रुप से दुग्ध डेरियां चलाई जा रही है, जिससे भी यहां गंदगी व कूड़े के ढेरों के चलते बीमारी फैलने की आशंका है। बारिश होने पर कई दिनों तक दूषित हवा रहती है। 

       
आबादी बढ़ी, नहीं बढ़ी पेयजल व्यवस्था : रामचंद्र            
न्यू शांतिनगर निवासी रामचंद्र की मानें तो वार्ड में पहले करीब 200 घर थे, आज करीब 600 घर हैं। लेकिन पहले भी जन स्वास्थ्य विभाग का एक ही ट्यूबवेल था और आज भी उसी के सहारे पूरी आबादी है। इतनी आबादी बढ़ने के बावजूद भी अर्पूव कॉलोनी में भी पेयजल व्यवस्था नहीं बढ़ाई जा सकी है। यहां ट्यूबवेल के लिए जमीन दिए जाने के बावजूद भी नहीं लगाया जा रहा।            


हादसों को न्यौता दे रहे गलियों के बीच बने मैन होल : दलबीर             
न्यू शांति नगर व आजाद नगर के बड़े हिस्से में जहां सीवरेज लाइन ही नहीं वहीं जिन क्षेत्र में सीवरेज लाइन है, गलियों के बीच में खुले छोड़े गए मेन होल हादसों को न्यौता दे रहे है। इनसे कई बार हादसे भी हो चुके हैं।   


जब भी पानी आता है वो भी गंदा होता है: रूप देवी      
यहां पानी आता ही नहीं और जब भी आता है वो भी गंदा होता है। पीने लायक पानी नहीं होने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब प्रशासन टैक्स लेता है तो पीने का पानी भी क्यों नहीं दिया जा रहा है।      

        
पीने को पानी नहीं तो गलियां में खुद करते है सफाई: भाग सिंह            
सेवानिवृत्त एसपी भीम सिंह का कहना है कि न्यू शांति नगर व इसके साथ लगते आजाद नगर क्षेत्र में पीने का पानी तो है ही नहीं गलियों की सफाई भी महिलाएं खुद ही करती है। इस क्षेत्र में अधिकतर गलियां कच्ची है तो वहीं बारिश के मौसम में घरों से निकलना भी दूभर हो जाता है।            

               
न आवारा पशु हट रहे न गंदगी : बलवान सिंह                        
यहां लावारिस पशु व गंदगी के ढेर लंबे समय से समस्या बने है, लेकिन इन दोनों समस्याओं का आज तक समाधान नहीं हो पाया है। इससे पूरे क्षेत्र के लोगों में रोष बन रहा है। प्रशासन को इस समस्या से जल्द निजात दिलानी चाहिए।                  

 
कहां जाते हैं सफाई कर्मी पता नहीं : जयसिंह            
एक्स सर्विसमैन जयसिंह का कहना है कि समाचार पत्रों व कार्यक्रमों में शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। इसके लिए सफाई कर्मी व डंपर सुविधा भी बताई जा रही है, लेकिन यह सफाई कर्मी व कूड़ा उठाने वाले डंपर कहां जाते हैं, पता नहीं। कल्याण नगर व आजाद नगर का एक बड़ा क्षेत्र है जहां कभी ये दिखाई नहीं दिए।

     
टॉवर बन रहे परेशानी: जानकी देवी            
आजाद नगर निवासी जानकी देवी ने बताया कि यहां मोबाइल टावरों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो लोगों के लिए सुविधा कम परेशानी ज्यादा कर रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर भी टॉवर लगाए जा रहे हैं, जबकि टॉवर न लगाए जाने की क्षेत्र के लोग प्रशासन से भी कई बार गुहार लगा चुके हैं। इसके बावजूद भी कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है।            

        
पालतू पशुओं को छोड़ने वालों पर हो कार्रवाई : राजेश            
वार्डवासी राजेश कुमार का कहना है कि यहां लावारिस पशुओं के साथ-साथ पालतु पशु भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। घोड़े व सुअर दिन-रात वार्ड में घूमते रहते हैं तो वहीं घरों में भी घुस जाते हैं। इनसे हादसों की भी आशंका बनी रहती है तो वहीं गंदगी भी फैलती है। 

                
नगर परिषद प्रशासन से लेकर डीसी तक कोई सुनवाई करने वाला नहीं : पार्षद संदीप टेका पूरे वार्ड में पेयजल बड़ी समस्या है। जमीन उपलब्ध करवाए जाने के उपरांत भी आज तक जनस्वास्थ्य विभाग दूसरा ट्यूबवेल नहीं लगवाया। लोगों ने समस्याओं को लेकर नप प्रशासन से लेेकर डीसी तक गुहार लगाई। लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं कर रहा है।                         

             
बेबुनियाद हैं आरोप, सभी वार्ड एक जैसे : उमा सुधा                        
नगर परिषद चेयरमैन ने लोगों की समस्याओं व पक्षपात की बात को बेबुनियाद बताया। शहर का हर क्षेत्र सर्वोपरी है। शहर के हर वार्ड के विकास के लिए भरसक प्रयास हो रहे हैं। टेंडर हो रहे हैं। वार्ड में कच्ची गलियों, पेयजल, सफाई जैसी समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा। 
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