जिला बार एसोसिएशन लंबित मामलों को निपटाने के पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एक्शन प्लान के विरोध में खुलकर सामने आ गई है।
एसोसिएशन ने बैठक कर ऐलान किया है कि हाईकोर्ट की ओर से तय एक्शन प्लान के तहत मुकदमों को बिना सुनवाई का मौका दिए अमल में लाई जाने वाली प्रक्रिया के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। यह फैसला अधिवक्ताओं ने विचार-विमर्श के बाद लिया।
दूसरी ओर, शुक्रवार से आदलतों में प्रॉक्सी वकीलाें ने कामकाज बंद कर दिया। इतना ही नहीं, नोटरी पब्लिक ने भी अदालती कागजों को अटेस्ट ने करने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमन चीमा ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा र्हाईकोर्ट ने निश्चित समय सीमा में पुराने केसों को एक्शन प्लान 2013-2014 के तहत निपटाने के निर्देश दिए हैं।
इससे जल्दबाजी में लोगों को न्याय नहीं, बल्कि उनके साथ अन्याय होने की आशंका अधिक रहेगी। एसोसिएशन ने काफी मंथन करने के बाद इसके खिलाफ मोर्चा खोला है।
उन्होंने कहा कि जब उनकी उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि एक्शन प्लान में ढील देकर मुकदमों को कानूनी प्रक्रिया अनुसार सभी को उचित मौका देकर फैसला करने का निचली अदालत को आदेश नहीं आता, तब तक ऐसी किसी भी प्रक्रिया में वकील भाग नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि अभी भी सभी अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और यह आगे भी जारी रहेगी।
इससे पहले अधिवक्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक एसोसिएशन कार्यालय में हुई। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित अन्य वकीलों ने मुद्दे पर मंथन किया।
अमन चीमा ने कहा कि अदालतों की ओर से वकीलों को कोई सहायता नहीं दी गई, जिसके विरोध में वकीलों ने प्रॉक्सी वकीलो को अदालतों से हटा लिया।
ये वकील हड़ताल के समय में अदालत का काम बाधित न हो इसके लिए काम करते हैं, लेकिन शुक्रवार से अदालतों में इन वकीलाें ने भी काम करना छोड़ दिया है। नोटरी ने भी हड़ताल को पूरा समर्थन दिया है।