केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) ने सोमवार को प्रशासनिक विभाग के
सामने वाले लॉन में प्रशासन की कार्यप्रणाली के विरुद्ध एक सभा का आयोजन
किया।
इसमें परीक्षा विभाग की संचालन शाखा, गोपनीय शाखा और पुनर्मूल्यांकन
शाखा के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कुंटिया अध्यक्ष
रामकुमार गुर्जर ने प्रशासन के नकारात्मक रवैये की निंदा की और सभी
कर्मचारियों को विश्वास दिलाया की यदि प्रशासन का यही रवैया रहा तो वे कठोर
निर्णय लेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रशासन डेपुटेशन पर आए एक कर्मचारी
को कंप्यूटर साइंस विभाग में समायोजित करने का प्रयास कर रहा है। इससे
विश्वविद्यालय में पहले से कार्यरत और 25 वर्ष से भी ज्यादा अनुभवी
कर्मचारियों से अन्याय होगा। इसे कुंटिया कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने एसएफएस कर्मचारियों की एलटीसी और कंफर्मेशन, क्लर्कों का टाइप
टेस्ट माफ करना आदि मांगों पर प्रशासन के अड़ियल रवैये की निंदा की। इसके
अलावा आउटसोर्सिंग ठेकेदारों की मनमानी पर भी गहरा रोष व्यक्त किया।
उन्होंने प्रशासन को आगाह किया कि आउटसोर्सिंग में पहले से कार्यरत
कर्मचारियों को ही रखा जाए।
सभा में पूर्व कुंटिया महासचिव दीपक शर्मा
और कुंटिया नेता नरेंद्र वर्मा, कृष्ण पांडे, राजकुमार ढींगड़ा, सतीश शर्मा
ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली की निंदा की। उन्होंने कुंटिया अध्यक्ष को
विश्वास दिलाया कि सभी कर्मचारी उनके साथ हैं।
अध्यक्ष गुर्जर ने बताया कि
सभी कार्यकारिणी क्षेत्रों की मीटिंग रोजाना होगी और यदि प्रशासन अपनी जिद
पर अड़ा रहा तो शीघ्र ही कुंटिया एक बड़ा निर्णय लेगी। उन्होंने परीक्षा
शाखा के एक उच्च अधिकारी को कर्मचारियों को मीटिंग में आने से रोकने की भी
निंदा की।
इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष दर्शन, उपाध्यक्ष विष्णुनाथ, सहसचिव
अंशुल शर्मा, प्रेस सचिव नरेंद्र सारसा, खजांची वकील चंद, रोहताश शर्मा,
सुरेंद्र मलिक, नरेश, बृजभूषण, राधेश्याम, हरपाल, सतबीर, राजीव गौड़, संत
कुमार, सुखबीर ढुल, अरविंद श्रीवास्तव, राजीव मलिक, पृथ्वीराज चतुर्वेदी,
लक्ष्मण, अजय शर्मा, राजेंद्र अमीन, बलबीर, दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।