संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में जयपुरी रजाई खूब गर्माहट ला रही है। इस रजाई की महोत्सव में धूम मची है। न केवल इसे देखने के लिए पर्यटकों में उत्साह दिख रहा है बल्कि जमकर खरीद भी की जा रही है। दावा है कि हल्की लगने वाली यह रजाई सर्दी में भी गर्मी का अहसास करवाती है। अपनी कला का प्रदर्शन कर रही मधु व उसके बेटे मुकेश बताते हैं कि वे अपने हाथों से यह कारीगरी कर रहे हैं। खास तौर पर वे जयपुरी रजाई बनाते हैं, जोकि देखने में बहुत ही हल्की लगती है, लेकिन यह सर्दी में भी गर्मी का एहसास करवा देती है।
मधू ने बताया कि इस बार वे खास तौर पर हाथ की कला को प्रदर्शित करने वाली सैंकड़ों वस्तुएं लेकर आई हैं, जिसमें खास तौर पर बैड शीट, मेजपोश, सौफा कवर, कुशन के कवर और हैंडबैग सहित अन्य बहुत-सी चीजें हैं। वह कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आ रही है और उनके ग्राहक भी नियमित है क्योंकि कला के पारखी महोत्सव का बड़ी बेसबरी से उनके स्टॉल पर सामान लेने का इंतजार करते हैं।
उन्होंने बताया कि विरासत में मिला यह हुनर उनके लिए वरदान साबित हुआ। अपने हुनर के कारण देश-विदेश में उनकी विशेष पहचान है। गीता जहां कर्म करने का संदेश देती है उससे प्रेरणा लेकर वह अपने काम में लगी रहती हैं। भगवान श्रीकृष्ण की असीम कृपा से उन्हें इस पावन धरा पर पर्यटकों का आशीर्वाद भी मिलता है।