किसानों का आरोप है कि पोर्टल पर धान की फसल का सही सत्यापन न होने के कारण उन्हें अपनी उपज बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उन्हें आर्थिक नुकसान की ओर धकेल रही है।
'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर धान की फसल के सही पंजीकरण और सत्यापन न होने से सैकड़ों किसान अपनी फसल बेचने से वंचित रह गए हैं। इस समस्या के चलते किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने विरोध स्वरूप तहसीलदार कार्यालय पर ताला जड़ दिया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि फसल का सत्यापन सही ढंग से नहीं किया गया तो यह आंदोलन जारी रहेगा।
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किसानों की मुख्य मांगें और विरोध प्रदर्शन
यूनियन के जिला प्रधान जय भगवान, महासचिव दिलबाग सिंह बारवा, कुरुक्षेत्र जिला प्रभारी संजू नंबरदार और संजीव आलमपुर ने बताया कि जिले के लगभग आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों किसान फसल बेचने से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में चार दिन पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारणवश किसानों को तहसीलदार कार्यालय पर ताला लगाने और धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
किसानों का आरोप है कि पोर्टल पर धान की फसल का सही सत्यापन न होने के कारण उन्हें अपनी उपज बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उन्हें आर्थिक नुकसान की ओर धकेल रही है।