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Kurukshetra News: ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण विदेशी टिकटें करवाई जा रहीं रद्द, टूर-ट्रेवल कारोबार पर संकट

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कुरुक्षेत्र। पुराने बस अड्डे के समीप ट्रैक्सी स्टैंड पर खड़ी गाड़ियां। संवाद  - फोटो : 1
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कुरुक्षेत्र। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय ट्रेवल कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान-इस्राइल संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बाद टूर-ट्रेवल कारोबार सुस्त पड़ गया है। लगातार फ्लाइट और टिकट कैंसिल होने से कुरुक्षेत्र के ट्रेवल एजेंटों की आमदनी पर असर पड़ा है। वहीं एयरपोर्ट जाने वाली कैब सेवाओं की बुकिंग भी कम हो गई है। जिलेभर में 100 से ज्यादा ट्रेवल एजेंट हैं। अधिकतर को अब गाड़ियों की किश्तें निकालना भी मुश्किल लगने लगा है।
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ट्रेवल कारोबार से जुड़े सुमित कौशिक ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण यात्रियों में असमंजस का माहौल है। पहले बड़ी संख्या में लोग दुबई के रास्ते यूरोप या अन्य देशों की यात्रा करते थे लेकिन अब कई लोग अपनी यात्राएं टाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में करीब 300 से अधिक फ्लाइट्स रद्द होने से कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। हालांकि कुछ यात्रियों ने विकल्प के तौर पर अब मलयेशिया और थाईलैंड जैसे देशों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।
बड़ी संख्या में टिकटें रद्द, एयरलाइन कर रही सहयोग
श्री कृष्णा टूर एंड ट्रैवल कंपनी के संचालक पवन चौधरी ने बताया कि पहले युद्ध का असर सीमित था लेकिन जब ईरान ने अन्य खाड़ी देशों को भी निशाना बनाना शुरू किया तो हालात और बिगड़ गए। कई ग्रुप की टिकटें एक साथ कैंसिल हो रही हैं और एयरपोर्ट के लिए बुक की गई गाड़ियां भी रद्द हो रही हैं। इससे ट्रेवल एजेंटों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि राहत की बात यह है कि अधिकतर एयरलाइंस टिकट का पूरा पैसा वापस कर रही हैं।
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ट्रांजिट फ्लाइट्स रद्द होने से बढ़ी परेशानी
एयरपोर्ट कैब चालक विकास ने बताया कि ट्रांजिट फ्लाइट्स रद्द होने से सबसे ज्यादा असर पड़ा है। पहले यात्री दुबई, दोहा या कतर के रास्ते यूरोप, कनाडा और अमेरिका के लिए फ्लाइट बदलते थे लेकिन अब कई ट्रांजिट रूट प्रभावित हो गए हैं। इसके कारण यात्रियों में डर का माहौल है और बुकिंग कम हो रही हैं।
एयरपोर्ट की जगह अब बरातों में चल रहीं गाड़ियां
कैब चालक प्रवीन ने बताया कि पहले सप्ताह में तीन से चार बार एयरपोर्ट के चक्कर लग जाते थे लेकिन अब बुकिंग लगभग बंद हो गई हैं। गाड़ी की किस्त और रोजमर्रा के खर्च निकालने के लिए अब ड्राइवरों को बरात या स्थानीय कार्यक्रमों में गाड़ियां चलानी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि हालात सामान्य होने पर ही फिर से एयरपोर्ट रूट पर बुकिंग बढ़ने की उम्मीद है।

कुरुक्षेत्र। पुराने बस अड्डे के समीप ट्रैक्सी स्टैंड पर खड़ी गाड़ियां। संवाद - फोटो : 1

कुरुक्षेत्र। पुराने बस अड्डे के समीप ट्रैक्सी स्टैंड पर खड़ी गाड़ियां। संवाद - फोटो : 1

कुरुक्षेत्र। पुराने बस अड्डे के समीप ट्रैक्सी स्टैंड पर खड़ी गाड़ियां। संवाद - फोटो : 1

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