कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में मास्टर ऑफ सोशल वर्क्स (एमएसडब्ल्यू) की ऑनलाइन कक्षा के दौरान चली आपत्तिजनक वीडियो की जांच साइबर क्राइम को सौंपी जाएगी। यह फैसला कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लिया है। साथ ही वीसी के आदेश पर एक विशेष टीम ने इस मामले में अलग से अपनी जांच भी शुरू कर दी है। बताते चलें कि गत दिवस जब यह क्लास लग रही थी, तो अचानक एक आपत्तिजनक वीडियो चलनी शुरू हो गई। जिसके बाद वर्चुअल कक्षा में मौजूद छात्र व छात्राओं ने कक्षा से लेफ्ट करना शुरू कर दिया।
इस संदर्भ में केयू के लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. ब्रजेश साहनी ने बताया कि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार मामले की जांच प्रोक्टर डा. रमेश भारद्वाज को सौंपी गई है। प्रोक्टर की अध्यक्षता में कमेटी जांच करेगी। साथ ही मामला साइबर क्राइम को सौंपा जाएगा। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन ऑनलाइन क्लास में फेरबदल करने जा रहा है, ताकि दोबारा ऐसी कोई घटना ना हो। विवि प्रशासन की ओर से गूगल मीट पर ही क्लास लेने के निर्देश हैं।
केयू एमएसडब्ल्यू के विभागाध्यक्ष डा. दर्शन सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ प्रॉक्टोरियल बोर्ड ही आगामी कार्रवाई के लिए फैसला लेगा।
केयू प्रोक्टर डा. रमेश भारद्वाज ने बताया कि ऑनलाइन क्लास के दौरान अश्लील वीडियो किसने चलाई ? उसकी पहचान करने के लिए जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि वह विद्यार्थी था या कोई आउटसाइडर। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की मीटिंग के बाद आगामी कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस को शिकायत नहीं सौंपी गई। जांच के लिये बनाए गए प्रॉक्टोरियल बोर्ड प्रोक्टर डा. रमेश भारद्वाज, चीफ वार्डन डा. दिनेश राणा, गर्ल्स हॉस्टल की चीफ वार्डन डा. नीलम ढांडा, डिप्टी प्रोक्टर डा. अजीत चहल, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर डा.अनिल वशिष्ठ शामिल है। जरूरत पड़ने पर मुख्य सुरक्षा अधिकारी डा. सीआर जिलोवा को प्रॉक्टोरियल बोर्ड में शामिल किया जाता है। ये अधिकारी उक्त मामले की जांच करेंगे।