कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सैनी को जापान में मनाए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की रिपोर्ट सौंप
कुरुक्षेत्र। 18 से 23 जून तक जापान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया गया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि यह महोत्सव दोनों देशों के सांस्कृतिक सहयोग को अधिक सुदृढ़ करेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-जापान की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
यह रिपोर्ट गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद की उपस्थिति में दी गई। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव अमित अग्रवाल ने इसे प्रस्तुत किया। केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल और अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण के सदस्य विजय नरूला भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को 18 विभिन्न कार्यक्रमों के सफल आयोजन की जानकारी दी। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जापान में श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश का प्रचार करना था। इसका लक्ष्य शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना भी था। भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना भी एक प्रमुख उद्देश्य था। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में होने वाले महोत्सव में जापान के प्रतिनिधिमंडल को विशेष रूप से आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को मजबूत करने की पहल को भी कहा।
महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रम
महोत्सव के दौरान जापान की हाउस ऑफ काउंसलर्स को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की गई। आईडीपी मुख्यालय, ओसाका असेंबली और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को भी गीता दी गई। टोक्यो विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का आयोजन हुआ, इसमें गीता के वैश्विक संदेश और समकालीन प्रासंगिकता पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति और शैक्षणिक पहल
भारत-जापान की सांस्कृतिक समानताओं पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता यज्ञ और वैश्विक गीता पाठ का आयोजन हुआ था। अरिकवा नदी तट पर भव्य गीता आरती और गीता सद्भावना यात्रा भी निकाली गई थी। जापान की प्रसिद्ध काबूकी रंगमंच शैली में 40 मिनट की गीता प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। प्रतिनिधिमंडल ने ओटनी विश्वविद्यालय (ओसाका) का भी दौरा कर शैक्षणिक आदान-प्रदान और गीता शोध पर चर्चा की।