संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिछले कुछ दशकों में भारत की स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक सुदृढ़ हुई है। रूस और यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में अत्यधिक दबाव के पश्चात भी भारत ने स्वयं के राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने पक्ष को विश्व पटल पर मजबूती से रखा है। यह कहना है कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का।
वे सोमवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में राजनीति विज्ञान विभाग एवं विश्वविद्यालय एल्युमनी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘शी स्पीक्स’ नामक व्याख्यान श्रृंखला के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। कुलपति ने कहा कि कोविड महामारी के समय भारत की हाथ जोड़ कर नमन करने कि परंपरा को पूरे विश्व ने सराहा, क्योंकि यह नमन करने की एक संक्रमण मुक्त शैली है। कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाना भारत की सांस्कृतिक परंपराओं की उत्कृष्टता का प्रतीक है। भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक, कूटनीतिक एवं आर्थिक शक्ति के बल पर विश्व गुरु बनने के पथ पर अग्रसर है।
इस श्रृंखला की पहली कड़ी में श्वेता सिंह ने ‘‘लिफ्टिंग द वेल एमइए, डिप्लोमेसी एंड द इंडियन फॉरेन सर्विस’’ विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। गौरतलब है कि श्वेता सिंह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की पूर्व शिक्षक हैं तथा वर्तमान में विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं ईरान विभाग की निदेशक के रूप में कार्यरत्त हैं। अपने व्याख्यान के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को विदेश मंत्रालय की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत रूप में जानकारी दी। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को विदेश सेवा में आने के लिए प्रेरित किया तथा दृढ़ निश्चय के साथ अपने जीवन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उत्साहित किया। उन्होंने विदेश सेवा में कॅरियर बनाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रो. राजबीर यादव ने कहा कि बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य में भारत की विदेश नीति में भी आवश्यक बदलाव आए हैं। उदाहरण के तौर पर भारतीय विदेश नीति गुटनिरपेक्षता से बहु संरेखण, गैर परमाणु से परमाणु तथा सुरक्षात्मकता से निश्चयात्मकता कि दिशा में अग्रसर है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।