कुरुक्षेत्र/पिपली। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सोमवार को पिपली और थानेसर अनाजमंडी में गेहूं खरीद प्रबंधों की व्यवस्था देखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि हर सीजन में उठान की ही बड़ी समस्या रहती है। कई ट्रांसपोर्टर टेंडर लेने के बाद घर बैठ जाते हैं जिससे उठान नहीं होता और जाम लगता है लेकिन अब यह मनमानी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उठान के बाद जब अनाज आगे एजेंसी के पास पहुंच जाता है तो उसके 48 घंटे बाद किसान का भुगतान होता है लेकिन ट्रांसपोर्टर व उठान एजेंसी की लापरवाही से यह भुगतान भी समय पर नहीं हो पाता। इस बार सरकार ऐसी कोताही सहन नहीं करेगी।
उन्होंने यहां आढ़तियों व अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने उठान की समस्या के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए और कहा कि कोई भी मंडी उठान में ढिलाई से जाम नहीं होनी चाहिए। गेहूं रखने के लिए स्टॉक, गोदाम पर्याप्त हैं और खाली भी करवा लिए गए हैं। कृषि मंत्री ने अनाज मंडियों में अब तक आई गेहूं, काटे गए गेट पास व खरीद प्रबंधों पर अधिकारियों से समीक्षा की और कहा कि किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं रहनी चाहिए। कृषि मंत्री ने कहा कि कोई किसान रेहड़ी में भी गेहूं लेकर आया तो वह भी बिकेगी। किसान को अपने खेत की जानकारी देनी होगी और तहसील से तत्काल उसका ब्योरा मार्केट कमेटी के पास पहुंच जाएगा। इसके बाद उसका गेट पास काट दिया जाएगा। इसके लिए भी अधिकारियों को आदेश दिए जा चुके हैं।
सीधी बारिश होने से नहीं होता कभी नुकसान
कृषि मंत्री ने कहा कि सीधे व सामान्य बारिश होने से कभी फसल में नुकसान नहीं होता लेकिन जब तूफान के साथ बारिश और ज्यादा मात्रा में होती है तो ही नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि हमारे किसानों की ओर से पैदा किए अनाज को हम बेहतर संरक्षित नहीं कर पाए तो भविष्य में एक-एक दाने को तरसना पड़ सकता है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी बनती है।
...न ढेरी जांची न किसानों से चर्चा, कार्यालय तक ही दौरा
कृषि मंत्री दौरे के दौरान सीधे मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और वहीं से अधिकारियों व कुछ आढ़तियों से चर्चा कर चले गए। वे न कार्यालय के सामने ही पड़ी किसी गेहूं की ढेरी पर पहुंचे और न ही गेहूं लेकर आए किसी किसान से कोई चर्चा की। ऐसे में कृषि मंत्री का यह दौरा मंडी में चर्चा का विषय बन गया।
आंख स्कैनिंग बायोमीट्रिक उपकरण से भी सत्यापन
कृषि मंत्री ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण किसान स्वयं, भूमि का मालिक और वह व्यक्ति जो भूमि को पट्टे पर लेकर खेती कर रहा हो, तीनों में से कोई भी कर सकता है। किसान भूमि मालिक पट्टेदार किसान अपने नामित व्यक्तियों को भी पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है। किसान स्वयं या उसकी ओर से नामित अधिकतम तीन व्यक्ति ही रबी फसल विक्रय के लिए मंडी में ला सकेंगे। किसान या नामित व्यक्तियों का सत्यापन फिंगर स्कैनिंग बायोमीट्रिक उपकरण के माध्यम से किया जाएगा। यदि फिंगर स्कैनिंग से सत्यापन संभव नहीं हो पाता है, तो आंख स्कैनिंग बायोमीट्रिक उपकरण से भी सत्यापन किया जा सकेगा। यह बायोमीट्रिक प्रक्रिया मंडी गेट पर नहीं बल्कि गेहूं की खरीद के समय की जाएगी।
कुरुक्षेत्र। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा मार्केट कमेटी थानेसर कार्यालय में अध