कुरुक्षेत्र। अमेरिका से कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) घटाया गया तो भारत की कृषि और पशुपालन व्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। मक्का, बाजरा व कपास सहित सात प्रमुख फसलों के अलावा डेयरी व पोल्ट्री फार्मिंग तक संकट में आ जाएगा। अमेरिका का किसान दो हजार एकड़ में और भारत का किसान मुश्किल से दो एकड़ में कृषि करता है, जिसके चलते मुकाबला नामुमकिन है।
यह कहना है भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम चढूनी का। सोमवार को जाट धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि आयात शुल्क के मामले को लेकर भारत के प्रतिनिधि पिछले दो माह से अमेरिका गए हैं लेकिन इस पर आज तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
उधर चढूनी ने कहा कि सूरजमुखी की फसल के प्रति किसानों की चिंता गहराती जा रही है। सरकार एक-एक दाना खरीदने का दावा कर रही है लेकिन फसल को मंडी में आए हुए एक हफ्ते से ज्यादा हो गया है और अब तक खरीद शुरू नहीं हुई है। इसके लिए भाकियू ने सरकार को पत्र भेजने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर वीडियो टैग कर खरीद शुरू करने की मांग की है।