मैं राजनीतिज्ञ नहीं, समाज के लिए ही करूंगा काम ः आचार्य देवव्रत
महज 15 दिन पहले तक गुरुकुल में दिनरात बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटे रहे आचार्य डॉ. देवव्रत हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बन गए हैं, लेकिन, आज भी उनके मन में शिक्षा और समाज सुधार की भावना ही बलवती है।
आचार्य से राज्यपाल बनने तक का सफर तय करने वाले आचार्य की भावना का अंदाजा इसी से लग जाता है कि उन्होंने साफ कहा कि मैं कोई राजनीतिज्ञ नहीं हूं, मेरा राजनीति से कोई संबंध भी नहीं है।
मैं पहले भी समाज हित में लगा रहता था और अब दोगुनी ताकत से समाज हित के लिए कार्य करूंगा। पेश है अमर उजाला से उनकी बातचीत के प्रमुख अंश...
-आचार्य से राज्यपाल बनने पर क्या अंतर महसूस कर रहे हैं ?
मैं राज्यपाल बनने के बाद ज्यादा अंतर महसूस नहीं कर रहा। अब तक स्वयं कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। अब मैं ऐसे पद पर हूं, जहां सभी व्यवस्थाएं मेरे अंतर्गत हैं। मेरा प्रयास रहेगा कि जिस तरह से मैंने चक्कर काटे हैं, उस तरह से आम आदमी को परेशान नहीं होना पड़े। भाषण देने में नहीं बल्कि, प्रैक्टिकल वर्क करने पर ज्यादा ध्यान रहेगा।
-हिमाचल प्रदेश में क्या प्रमुख समस्या है और उसका निदान क्या सोचा है?
वहां सबसे बड़ी समस्या ड्रग्स माफिया का बढ़ता जाल है। ड्रग्स माफिया पर अंकुश लगाने के लिए सरकार के साथ समाज सेवी संगठनों, पंचायतों के अच्छे लोगों की कमेटियां गठित की जाएंगी। होर्डिंग और बैनर लगाए जाएंगे। दीवार लेखन कराया जाएगा, और लोक प्रशासन विभाग को साथ लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
-हिमाचल प्रदेश के विकास को लेकर क्या योजनाएं हैं ?
जैविक कृषि को बढ़ावा देने की प्राथमिकता रहेगी। वहां, सीढ़ीनुमा खेत हैं।धान और गेहूं की फसल उगाकर किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए वहां फलदार पेड़ों, सब्जियों और फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। वह भी जैविक तरीके से हो।
-युवा शक्ति के विकास को लेकर क्या विजन है ?
प्रदेश में तीन विश्वविद्यालय हैं। तीनों में युवा शक्ति को बेहतर वातावरण प्रदान किया जाएगा। नैतिक शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। सोच है कि युवाओं को डिग्री देकर सड़कों पर न उतारा जाए। शिक्षा को रोजगारोन्मुखी किया जाए। प्रयास होगा कि तीनों यूनिवर्सिटी के स्तर को और बेहतर बनाने के साथ साथ शिक्षा का उच्च केंद्र बनाया जाए।
-प्रधानमंत्री से मुलाकात में खास बातचीत क्या रही ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें अपनी योजनाओं से अवगत करवाया है। उन्होंने सभी बिंदुओं को सहर्ष स्वीकार किया और कहा है कि मजबूती से इन पर कार्य किया जाए। प्रदेश की स्वच्छता को और अधिक बेहतर किया जाएगा ताकि प्रदेश में टूरिज्म और भी ज्यादा बढ़ सके।
-गुरुकुल से विदा होने पर कैसा महसूस कर रहे हैं ?
(भावुक होकर बोले) गुरुकुल मेरी आत्मा है। अनायास ही छोड़ना पड़ा तो महसूस हो रहा है। बस एक ही दुआ है कि ये खूब पुष्पित और पल्लवित हो। जब भी दिल्ली की ओर आना जाना होगा, तो निश्चित ही गुरुकुल में आऊंगा।