कुरुक्षेत्र। सरकार की मंशा और ताजा हालात में कुरुक्षेत्र के गुरुघर बंदूकों, भालों, तलवारों और अन्य घातक हथियारों के साए में है।
चूंकि सोमवार को सरकार नई कमेटी की लिस्ट जारी करने वाली थी, लेकिन सरकार एक कदम आगे और एक कदम पीछे वाली तर्ज पर कामय रही, लिहाजा चंडीगढ़ में पहली बार सरकार के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में एसजीपीसी के मुद्दे पर हरियाणा सरकार की ओर से वित्तमंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा ने बात तो रखी, लेकिन वर्किंग एडहॉक कमेटी की नई कार्यकारिणी का ऐलान करने के बजाए अन्य बिंदुओं को छुआ।
सरकार तक लगातार एसजीपीसी अमृतसर द्वारा की जा रही तैयारियों की सूचना बराबर पहुंच रही है। हरियाणा करे अधिकतर मुख्य गुरुद्वारों में बड़ी मात्रा में टास्क फोर्स और मरजीवड़े जत्थों डेरा डाल दिया है। एसजीपीसी को रविवार ही ये भनक लग गई थी कि सरकार सोमवार को कोई बड़ा एक्शन लेने जा रही है। इसी के मद्देनजर बीती रात बड़ी संख्या में कुरुक्षेत्र में पंजाब से हथियार बंद सिखों का आगमन जारी रहा।
बहरहाल सरकार के लिए गुरुद्वारों का प्रबंधन नई कमेटी को सौंपना गले की फांस है। फिलहाल हरियाणा सरकार इस दिशा में आगे कदम बढ़ने के बजाय कदमताल करके अपने मंसूबे एसजीपीसी अमृतसर के सरपरस्तों को बता रही है। सोमवार को पहली बार जहां सरकार की ओर से वित्तमंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा ने चंडीगढ़ में एचएसजीपीसी के मसौदे पर करारा जवाब देते हुए ये स्पष्ट किया कि अलग कमेटी का बिल की भी सूरत में वापस नहीं लिया जाएगा, एसजीपीसी अमृतसर के मुखिया अवतार सिंह मक्कड़ ने दो टूक कहा कि वे किसी भी सूरत में हरियाणा के गुरुद्वारों पर कब्जा होने नहीं देंगे।
मक्कड़ के मुताबिक एक बार पहले भी एचएसजीपीसी कुरुक्षेत्र के गुरुघर में प्रवेश करके कब्जे का प्रयास कर चुकी है, तब उन्हें इसके क्या परिणाम भुगतने पड़े थे। एसजीपीसी हरियाणा के अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह अहरवा ने तो यहां तक कहा कि सरकार नई कमेटी की लिस्ट जारी करे या कब्जा दिलाने के दावे, इससे एसजीपीसी को कोई फर्क नहीं पड़ता।
अमर उजाला से बातचीत में एचएसजीपीसी के नेता दीदार सिंह नलवी के मुताबिक सोमवार को एचएसजीपीसी की कार्यकारिणी की घोषणा हो सकती थी, लेकिन सरकार की अपनी व्यूह रचना है। हालांकि ये तय है कि एक या दो दिन अथवा इसी सप्ताह के भीतर ही सीएम या उनके द्वारा अधिकृत सरकारे नुमाइंदे द्वारा ये कार्रवाई पूरी कर दी जाएगी।
बादल के हस्तक्षेप पर केंद्र को चिट्ठी
दीदार सिंह नलवी के मुताबिक जिस प्रकार पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल हरियाणा में सक्रिय होकर कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं, उसे हरियाणा सरकार गंभीरता से ले रही है। नलवी के अनुसार उन्हें पता लगा है कि मुख्यमंत्री हरियाणा में बादल के हस्तक्षेप पर केंद्र चिट्ठी को चिट्ठी लिखने के बाद सरकार अपने स्तर पर हालातों नियंत्रित करेगी।