कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी एक्ट 2014 में संशोधन किए जाने से कमेटी सदस्यों में रोष गहरा गया है। इसे चुनाव जीतने वाले सदस्यों के अधिकारों का हनन करार दिया और यह संशोधन वापस लेने की मांग उठाई। इसके लिए अकाल पंथक मोर्चा, कैमपुरिया गुट सहित अन्य सदस्य भी एक साथ खड़े दिखाई दिए।
शुक्रवार को कमेटी मुख्यालय में प्रधान जगदीश सिंह झींडा के नेतृत्व में अहम बैठक हुई जिसमें शामिल हुए विभिन्न गुटों से जुड़े 27 सदस्यों ने करीब दो घंटे तक विर्मश किया।
प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट एक्ट 2014 में अनावश्यक संशोधन किया है। इस संशोधन से चुनाव जीत कर निर्वाचित हुए सदस्यों के अधिकारों का हनन करने का प्रयास किया गया है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पता चल रहा है कि जैसे प्रदेश सरकार गलत ढंग से गुरुद्वारा प्रबंध को नियंत्रित करना चाहती है जिसे कभी नहीं होने दिया जाएगा।
कमेटी सदस्यों ने सरकार से मांग की कि इस संशोधन को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। बैठक में महासचिव हरजीत सिंह, संयुक्त सचिव बलविंदर सिंह कांगथली, कार्यकारिणी समिति सदस्य कुलदीप सिंह मुल्तानी, करनैल सिंह, रूपिंदर सिंह, पलविंदर सिंह, गुरजीत सिंह, सुखदेव सिंह, जोगा सिंह, बलदेव सिंह, इंदरजीत सिंह, बीबी जसबीर कौर, हरमनप्रीत सिंह, गुरनाम सिंह, मेजर सिंह, काका सिंह, कर्मजीत सिंह, इकबाल सिंह, बलविंदर सिंह, गुरमेज सिंह, बिंदर सिंह, बलकार सिंह, हरिंदर सिंह, कुलदीप सिंह शामिल हुए।