कुरुक्षेत्र। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बिक्री जोरों पर है। अधिक मुनाफा कमाने के लिए दुकानदार मिलावटी मिठाइयां बेचकर लोगों की सेहत से साथ खिलवाड़ करते हैं लेकिन इन पर कार्रवाई करने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग में जिम्मेदारी निभाने वाले फूड सेफ्टी अफसर के पद खाली पड़े हैं।
एक अधिकारी के पास दो से तीन जिलों का पदभार है। कुरुक्षेत्र के एफएसओ के पास करनाल व यमुनानगर का अतिरिक्त कार्यभार है। ऐसे में कैसे मिठाइयों की जांच हो पाएगी इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। तीन जिलों में दुकानों, होटल व रेस्टोरेंट की संख्या करीब 96 हजार है। ऐसे में 100 फीसदी शुद्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री सुनिश्चित होना असंभव है।
एक अनुमान के मुताबिक, इनमें से करीब 50 फीसदी से अधिक दुकानें खाद्य उत्पादों की हैं। दिवाली में मात्र 15 दिन शेष बचे हैं। ऐसे में सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर जांच करना कठिन है।
सैंपलिंग से पिछड़ रहा विभाग, कर्मचारियों की कमी
जिले में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग भी नाममात्र हो रही है जबकि विभाग की टीम को हर माह 30 सैंपल लेने अनिवार्य हैं। अक्तूबर 2024 से अक्तूबर 2025 तक विभाग ने 130 सैंपल लिए जबकि विभाग को 360 सैंपल लेने थे। ऐसा कर्मचारियों की कमी के कारण है।
यहां करें शिकायत
अगर आपको किसी भी मिठाई की दुकान पर दूषित मिठाई मिलती है तो इसकी सूचना जिला अस्पताल में फूड इंस्पेक्टर को दे सकते हैं। वहीं विभाग की ईमेल आईडी पर भी कर सकते हैं।
मिठाई के भरे 16 सैंपल
फूड इंस्पेक्टर डॉ. अमित चौहान का कहना है कि जिले में सैंपलिंग अभियान चलाया गया है। विभाग ने एक माह में 16 सैंपल भरे हैं। उनके पास कुरुक्षेत्र के साथ करनाल व यमुनानगर का भी चार्ज है। त्योहारी सीजन में सभी जिलों में मिठाइयों के सैंपल लिए जा रहे हैं।