कुरुक्षेत्र। मानसून के आगमन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। पूरे जुलाई माह को डेंगू रोधी माह के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 135 टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी, मच्छरों के लार्वा की जांच करेंगी और स्रोत नष्ट करने की कार्रवाई करेंगी। विभाग ने लोगों से प्रत्येक रविवार को घरों और शुक्रवार को कार्यालयों में ड्राई डे मनाने की अपील की है। जिले में इस साल अब तक डेंगू का केवल एक मामला सामने आया है, जबकि पिछले वर्ष 52 मरीज मिले थे। वहीं राहत की बात यह है कि इस साल अब तक जिले में मलेरिया का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है।
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है तथा दिन के समय अधिक सक्रिय रहता है। इसलिए कूलर, पानी की टंकियां, गमलों की ट्रे, फ्रिज की ट्रे और अन्य जल पात्रों को सप्ताह में एक बार खाली कर कम से कम 24 घंटे तक सूखने देना जरूरी है। घरों की छतों पर पड़े पुराने टायर, प्लास्टिक के बर्तन, नारियल के खोल और अन्य अनुपयोगी सामान में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग शुरू की : डॉ. प्रदीप
जिला डेंगू मलेरिया विशेषज्ञ उप सिविल सर्जन डॉ प्रदीप ने बताया कि अभियान के तहत डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत नगर निकायों ने संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रत्येक माह के पहले 15 दिनों में रैपिड फीवर सर्वे कर रही हैं। जिन क्षेत्रों में मच्छरों का लार्वा मिला है, वहां नोटिस जारी किए जा रहे हैं। आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कर्मी और डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर भी स्रोत नष्ट करने के अभियान में जुटे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द या आंखों के पीछे दर्द होने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। जिले के नागरिक अस्पताल में डेंगू जांच और जरूरतमंद मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है।
डेंगू से बचाव के लिए रखें ये सावधानियां
-हर रविवार घरों और शुक्रवार को कार्यालयों में ड्राई डे मनाएं।
-कूलर, टंकी, गमले और अन्य जल पात्र सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं।
घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं।
-इस साल अब तक डेंगू का 1 और मलेरिया का कोई मामला नहीं, जबकि पिछले वर्ष डेंगू के 52 मामले सामने आए थे।