पिहोवा। पवित्र सरस्वती तट पर सोमवार से अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव व सरस मेले का आगाज हो गया। पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बोर्ड के चेयरमेन अमरपाल राणा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, की प्रस्तुति दी। इस दौरान काफी संख्या में लोग हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से लगाई गई पुराने वस्तुओं की प्रदर्शनी को देखने के लिए उमड़े।
इस अवसर पर चेयरमैन अमरपाल राणा ने कहा कि सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव को गीता महोत्सव की तर्ज पर मनाया जा रहा है। पिहोवा एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहां पर सरस्वती की धारा बहती हुई दिखाई देती है। इसके अतिरिक्त पूर्वजों के पिंडदान के लिए भी पिहोवा शहर की बहुत मान्यता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से इस महोत्सव का आयोजन उपमंडल पिहोवा में किया जा रहा है। सरस्वती महोत्सव पूरे देश में पांच दिन के लिए मनाया जा रहा है।
भाजपा वरिष्ठ नेता जय भगवान शर्मा डीडी ने कहा कि जिस प्रकार धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र का नाम गीता महोत्सव के कारण विश्व प्रसिद्ध हुआ है, उसी प्रकार अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव ने विश्व में अपनी पहचान बना ली है। उन्होंने कहा कि सोमवार को आदिबद्री से सरस्वती महोत्सव का आगाज किया गया है। इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा भी प्रस्तुतियां दी गई। उन्होेने बताया कि सरस मेला लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता जय भगवान डीडी शर्मा, जिला परिषद चेयरमैन कवलजीत कौर, नगर पालिका चेयरमैन आशीष चक्रपाणी, जिला अध्यक्ष सरदार तिजेंद्र सिंह गोल्डी, मार्केट कमेटी चेयरमैन तरनदीप सिंह वड़ैच प्रिंस मंगला, प्रदीप, साधु राम सैनी, तहसीलदार पुनम सोलंकी, सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के सदस्य रामधारी शर्मा, युधिष्ठिर बहल, हनु चक्रपाणि, हरविंदर सिंह, अमरजीत वासन, लाडी पाल मौजूद रहे।
इन स्कूली बच्चों ने दी प्रस्तुतियां
डीएवी पब्लिक स्कूल की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना की गई। सीडी पब्लिक स्कूल द्वारा राम आएंगे नृत्य की प्रस्तुति, कैंब्रिज वर्ल्ड स्कूल द्वारा श्री कृष्ण लीला पर आधारित नृत्य की प्रस्तुति, गीता मॉडल स्कूल द्वारा नव दुर्गा नृत्य की प्रस्तुति, एजीएस स्कूल द्वारा योगा प्रस्तुति स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। लोक कलाकार ऋतु शर्मा ने भी प्रस्तुतियां देकर रंग जमाया।
सरस्वती के तट पर भारतीय शिल्पकला के हुए दर्शन, पर्यटक गदगद
पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आगाज होते ही पवित्र सरस्वती तट पर भारतीय शिल्पकला के दर्शन कर पर्यटक पहले ही दिन गदगद हो उठे। महोत्सव में देश के विभिन्न कोनों से करीब शिल्पकार अपनी-अपनी शिल्पकला को लेकर पिहोवा नगर वासियों के लिए विशेष तौर पर पहुंचे है। इस शिल्पकला को पिहोवा वासी निहार रहे है और लुत्फ उठा रहे है। इस वर्ष बेहतरीन शिल्पकारों को ही आमंत्रित किया गया है।
सरस मेले में दर्शाई शिल्पकला में लकड़ी का सामान, महिलाओं द्वारा घर की सजावट के लिए हाथ से बना सामान, मिट्टी के बर्तन सहित विभिन्न राज्यों से शिल्पकार अपनी शिल्पकला से सबको मोहित कर रहे हैं। इस शिल्पकला के साथ-साथ विभिन्न जगहों से लोक कलाकार पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे है। इस प्रकार सरस्वती के पावन तट पर शिल्पकला और संस्कृति के विभिन्न रंगों को देखा जा रहा है। कार पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे है। इस प्रकार सरस्वती के पावन तट पर शिल्पकला और संस्कृति के विभिन्न रंगों को देखा जा रहा है।
पिहोवा। महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती छात्राएं। स्वयं
पिहोवा। महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती छात्राएं। स्वयं
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पिहोवा। महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती छात्राएं। स्वयं
पिहोवा। महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती छात्राएं। स्वयं
पिहोवा। महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती छात्राएं। स्वयं