केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री डा. संजीव कुमार बाल्यान ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से आने वाले कुछ दिनों में देश के युवाओं को विभिन्न विभागों में 4 लाख सरकारी नौकरियां देगी। इस सरकार ने अब तक 9 लाख सरकारी नौकरियां दी है। इस प्रकार केंद्र सरकार की तरफ से युवाओं को कुल 13 लाख सरकारी नौकरियां दे दी जाएगी। इस सरकार के कार्यकाल में किसी भी विभाग में कोई भी पद खाली नहीं होगा।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए 1 बटन दबाकर देश में युवाओं को 51 हजार से ज्यादा विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र वितरित करने के कार्यक्रम का आगाज किया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी नौकरियां हासिल करने वाले 51 हजार युवाओं को संदेश दिया कि मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी डयूटी का निर्वाह करके देश को प्रगति की राह पर आगे लेकर जाना है। यह लोग ही देश का भविष्य उज्जवल बनाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक देश में 9 लाख सरकारी नौकरियों युवाओं को देने का काम किया है और दिसंबर-जनवरी माह तक 4 लाख ओर सरकारी नौकरियां युवाओं दी जाएंगी। यह प्रक्रिया अभी पाइपलाइन में है। इस सरकार ने युवाओं को योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी है। सरकार की इस नीति से आम युवाओं को भी सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिला है। इससे पहले पिछली सरकारों में राजनीतिक पहुंच रखने वाले व्यक्ति या फिर रिश्वत देने के बाद सरकारी नौकरियां मिलती थी।
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर हरियाणा प्रदेश में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश की बागडोर संभालने के बाद युवाओं को योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर सरकारी नौकरियां देने का काम किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में पर्ची और खर्ची की प्रथा को समाप्त करने का काम किया। इस सरकार ने गरीब घर के बेटे और बेटी को भी एचसीएस स्तर की नौकरी देकर युवाओं के लिए एक मिसाल कायम करने का काम किया।
इससे पहले युवाओं को सरकारी नौकरियां हासिल करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था और मोटी रकम देकर ही सरकारी नौकरी को हासिल करना पड़ता था, लेकिन अब युवाओं को केवल मेरिट के आधार पर नौकरियां मिल रही है। डाक विभाग की डीपीएस राधिका देव ने रोजगार मेले पर विस्तृत प्रकाश डाला। । इस मौके पर जिला परिषद के वाईस चेयरमैन डीपी चौधरी, कुरुक्षेत्र मंडल डाक विभाग के अधिकारी कृष्ण कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
75 फीसदी दिव्यांगता को पार कर हौंसले के पांवों पर खड़ा हुआ अवनीश
75 फीसदी दिव्यांगता, लेकिन हौंसला पहाड़ जैसा, जिसके चलते अपनी पढ़ाई में इस शारीरिक अक्षमता को आड़े आने दिया और जब नौकरी मिली तो सफलता पर चेहरा खिल उठा। साबित कर दिया कि शरीरिक क्षमता भले ही कितनी भी क्यों न हो, हौंसले मजबूत हो तो सफलता कदम चूमती है।
ऐसा ही एहसास कराया यमुनानगर के रहने वाले अवनीश ने। मौका था
राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान में आयोजित रोजगार मेले का, जहां उनकी दिव्यांगता के साथ उनके हौंसले से हर कोई हैरान था। उन्हें मेले में पोस्ट ऑफिस में बीपीएम पद पर नौकरी मिली, जिसका नियुक्ति पत्र मंच से नीचे आकर मुख्यातिथि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान व थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने दिया। यह देख न कोई हैरान था बल्कि उसके हौंसले को भी सलाम करता दिखाई दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने भी उनके इस जज्बे की जमकर सराहना की तो वही अवनीश ने भी साबित कर दिया कि वह भले ही 75 फीसदी दिव्यांग है, लेकिन अपने परिवार पर बोझ नहीं है। अवनीश कुमार की फिलहाल योग्यता 12वीं है और अभी बीए प्रथम वर्ष में यमुनानगर के कॉलेज से पढ़ाई कर रहा हैं।
उसे नियुक्ति मिली तो परिजनों की भी आंखें भर आई और कहा कि उन्हें अपने बेटे के हौंसले, कड़ी मेहनत पर पहले से ही गर्व है। पढ़ाई में उनकी रूचि के चलते वे हमेशा उसका हर कदम पर साथ देते रहे तो उसने भी साबित कर दिया कि वह इतनी दिव्यांगता के बावजूद भी परिवार पर बोझ नहीं हो सकता। हालांकि इनकी नियुक्ति अंबाला हुई है जो कि बिलासपुर से 30 मिनट का रास्ता है।
माता-पिता और शिक्षकों को समर्पित करता है कामयाबी : अवनीश
अवनीश कुमार का कहना है कि कामयाबी का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देता हूं जिनकी मेहनत से सफलता हासिल हुई है। इनका कहना है कि नौकरी के साथ-साथ अपनी शिक्षा भी जारी रखूंगा और शिक्षित होकर परिवार का नाम रोशन करूंगा।
बच्चों की सफलता ही मेरी कामयाबी है : कृष्ण
अवनीश के पिता कृष्ण कुमार वैल्डिंग का काम करते है और इसका एक भाई व बहन है, वो भी पढ रहे हैं। कृष्ण कुमार संधाेय गांव के रहने वाले थे जो कि बच्चों कि शिक्षा के लिए बिलासपुर शहर में आए कि बच्चों काे हर प्रकार की सुविधा मिल सके और शिक्षा में किसी तरह की कोई बाधा ना आए।