प्रशासन के दावों के बावजूद धान खरीद सिरे नहीं चढ़ पा रही है। न ही उठान हो रहा है, जिससे अनाज मंडियां लबालब है तो किसान परेशान हैं। जहां सोमवार को भी किसानों का पिहोवा लाडवा में गुस्सा फूटा तो वहीं अब भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने भी नौ अक्तूबर को प्रदेश की सभी मंडियों के बाहर सड़कें जाम करने का एलान कर दिया है। ऐसे में प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
लाडवा में मंडी में खरीद व उठान में देरी होने के कारण नाराज किसानों ने जिला अध्यक्ष मदन पाल बपदा की अगुवाई में हैफेड प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया व नारेबाजी की। इतना ही नहीं नाराज किसानों ने हैफेड कर्मचारियों को उनके कमरे में बंद कर दिया और हैफेड कार्यालय के बाहर दरवाजे पर ताला जड़ दिया।
जैसे ही प्रशासन को किसानों के प्रदर्शन की जानकारी मिली तो उनके हाथ पैर फूल गए। आनन फानन तहसीलदार बलकार सिंह व थाना प्रभारी कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने- बुझाने का प्रयत्न किया। किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग रहे और लिखित में आश्वासन मांगते रहे। काफी देर बाद थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के समझाने पर किसानों ने का ताला खोला।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष मदनपाल बपदा, जसबीर जैनपुर, रामधारी भूरा, रामकुमार, सौरभ धनोरा, जगिंदर धनोरा, सरेंद्र जैनपुर, सुरेशपाल, मुशी गिल आदि किसानों ने बताया कि मंडी में अव्यवस्थाओं को लेकर उन्हें बार-बार शिकायतें मिल रही थी। मंडी में धान का सीजन पूरे जोरों पर है। धान में नमी आदि बता कर किसानों को परेशान किया जा रहा है। फसल बिकने के बाद भी उठान न होने के कारण किसानों को मंडी में धान की रखवाली करनी पड़ रही है। किसान सड़कों पर धान डालने को मजबूर है।
अभी तक की जा सकी साढ़े पांच लाख क्विंटल धान की खरीद
प्रशासन की ओर से जिले भर में सात अक्तूबर तक पांच लाख 51 हजार 580 क्विंटल धान की खरीद की है जबकि उठान महज 23 फीसदी ही हुआ है। सोमवार को एक लाख 50 हजार 30 क्विंटल धान की खरीद की गई। डीएफएससी सुरेंद्र सैनी का कहना है कि खरीद व उठान में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।