कुरुक्षेत्र। हर्ष एनकाउंटर मामले को लेकर रोड़ समाज की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। अब रोड़ बाहुल्य गांवों के सरपंच भी खुलकर रोड़ महासभा के साथ आ गए हैं। शनिवार को कुरुक्षेत्र स्थित रोड़ भवन में रोड़ महासभा की ओर से बुलाई गई। बैठक में विभिन्न गांवों के सरपंच और प्रतिनिधि पहुंचे और महासभा कार्यकारिणी व हर्ष एनकाउंटर को लेकर गठित 101 सदस्यीय कमेटी के सदस्यों के साथ 30 अगस्त तक न्याय न मिलने पर एक सितंबर से भाजपा नेताओं की गांवों में एंट्री बैन पर रणनीति बनाई।
बैठक में सरपंचों ने कहा कि वे पूरी तरह समाज व महासभा के साथ हैं और महासभा के प्रधान की ओर से लिए जाने वाले हर फैसले का समर्थन करेंगे। सरपंचों से गांव स्तर पर भी स्थिति को लेकर चर्चा की गई और उनकी राय जानी गई। समाज की ओर से कहा गया कि हर्ष एनकाउंटर मामले में सरकार को 30 अगस्त तक का समय दिया गया है। अब समाज, सरकार के फैसले का इंतजार कर रहा है। यदि तय समय तक मांगों को लेकर कोई फैसला नहीं आता तो बैठक में तय की गई रणनीति के अनुसार आगे कदम उठाया जाएगा। बैठक में गांवों में भाजपा नेताओं की एंट्री रोकने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। समाज की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में एक सितंबर से गांवों में भाजपा नेताओं का विरोध किया जाएगा। इसी को लेकर अब गांवों के सरपंचों का समर्थन जुटाया गया है। हर्ष एनकाउंटर मामले को लेकर रोड़ समाज पहले भी कई पंचायतें और प्रदर्शन कर चुका है। अब गांवों के सरपंचों और 101 सदस्यीय कमेटी को साथ लेकर हुई इस बैठक के बाद समाज की आगामी रणनीति पर नजर बनी हुई है।
12 अगस्त से लगातार पंचायत और प्रदर्शन
हर्ष एनकाउंटर मामले को लेकर रोड़ समाज की ओर से 12 अगस्त से लगातार पंचायतें और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 12 अगस्त को कुरुक्षेत्र में पहली बड़ी महापंचायत हुई थी। इसके बाद 13 अगस्त को समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं। इसके बाद 18 अगस्त को करनाल में रोड़ महासभा भवन में पंचायत, 24 अगस्त को करनाल में रोड धर्मशाला से जिला सचिवालय तक रोष मार्च और प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। 27 अगस्त को करनाल में हुई बैठक में भी समाज की ओर से सरकार को समय देते हुए आगे की रणनीति पर चर्चा की गई थी। शनिवार को कुरुक्षेत्र में हुई महापंचायत में समाज ने एक बार फिर अपनी मांग दोहराई है। 30 अगस्त तक सरकार के जवाब का इंतजार रहेगा और उसके बाद अगला कदम तय किया जाएगा।