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Kurukshetra News: वर्ल्ड कप में चार गोल दाग कर नवनीत कौर बनीं देश की टॉप स्कोरर

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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। हॉकी वर्ल्ड कप में आक्रामक ड्रिब्लिंग और घातक फिनिशिंग का लोहा मनवाते हुए टूर्नामेंट में चार गोल दागकर शाहाबाद की बेटी नवनीत कौर भारत की तरफ से सबसे ज्यादा गोल करने वाली टॉप स्कोरर बन गई है, जिससे शाहाबाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। नवनीत कौर व उसके परिजनों को लगातार बधाई दी जा रही है।
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शाहाबाद के ऐतिहासिक एसजीएनपी हॉकी मैदान पर पसीना बहा तैयार हुई स्टार फॉरवर्ड नवनीत कौर का कहना है कि टीम बहुत खेली लेकिन मलाल है कि वह गोल्ड नहीं जीत सके लेकिन 19 सितंबर से जापान में शुरू होने जा रही एशियन चैंपियनशिप में वह गोल्ड जीतेगी और उनका अभ्यास अभी से शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि टीम वर्क के साथ कोई भी मैदान फ़तेह किया जा सकता है और टीम का हर खिलाडी टीम वर्क के सूत्र में अच्छी तरह से बंधा हुआ है।
द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच बलदेव सिंह की देखरेख में प्रशिक्षण हासिल करने वाली नवनीत कौर के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया है। 1974 के पहले महिला विश्व कप (चौथे स्थान) के बाद 52 सालों के लंबे इंतजार के बाद भारत का विश्व कप इतिहास में यह सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। नवनीत कौर ने टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों से लेकर क्लासिफिकेशन मैच तक अपने आक्रामक तेवर बनाए रखे और निर्णायक मौकों पर गोल दागते हुए टीम की जीत तय की।
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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में उन्होंने शानदार फील्ड गोल दागे और टीम को एकतरफा जीत दिलाई। जर्मनी के खिलाफ क्लासिफिकेशन मैच में 5वें और 6वें स्थान के लिए जर्मनी के खिलाफ खेला गया। यह मैच नवनीत के कॅरिअर के सबसे यादगार मुकाबलों में शुमार हो गया। 43 मिनट तक 0-0 की बराबरी पर चल रहे मैच के आखिरी 17 मिनटों में नवनीत का तूफान देखने को मिला। उन्होंने महज तीन मिनट के भीतर दो गोल दागे। पहले उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर पर टच एंड स्लैप तकनीक से गोल किया और फिर जर्मन डिफेंडरों को अपनी बेहतरीन ड्रिब्लिंग से चकमा देकर तीसरा गोल दागा। भारत ने यह मुकाबला 3-1 से जीतकर वर्ल्ड कप में 5वां स्थान पक्का किया।

अनुशासन और मेहनत की मिसाल
कोच बलदेव सिंह का कहना है कि सुबह चार बजे का अभ्यास हो या फिर कड़ा फिजिकल सेशन, नवनीत कौर ने हमेशा 100 फीसदी मेहनत की। मैदान पर उनका अनुशासन ही आज उन्हें विश्व के बेहतरीन स्ट्राइकर्स की कतार में ले आया है। वर्ल्ड कप को लेकर कोच बलदेव सिंह का कहना है कि जर्मनी जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जिस तरह नवनीत ने आखिरी मिनटों में दबाव को झेला और महज तीन मिनट में दो गोल दाग दिए, यह उनकी परिपक्वता है। नवनीत कौर ने वर्ल्ड कप में भारत की टॉप स्कोरर बनकर न सिर्फ देश को गौरवांवित कर दिया है। आज वह देश की अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
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