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गुरुघर के आसपास तनाव, दिनभर दौड़ी पुलिस

Mon, 04 Aug 2014 12:20 AM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के नेता और सर्मथक छठी पातशाही गुरुघर की सेवा संभालने के लिए पिछले 30 घंटे से मोर्चे पर डटे हैं।
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वहीं मोर्चे पर अधिक संख्या में संगत लाने के लिए कुछ पदाधिकारियों की ड्यूटियां लगाई हैं। पिछले दो दिनों में आंदोलन स्थल पर ही कई बैठकें  हो चुकी हैं।

जबकि इस दौरान दो बार आपसी तकरार और विरोधी पक्ष से टकराव के हालात भी बने। रविवार को हरियाणा की सिख संगत ने सड़क पर कीर्तन शुरू कर दिया था।

हालांकि इससे पहले जमकर भाषणबाजी चलती रही। बता दें कि शनिवार से रविवार शाम चार बजे तक पूरा ट्रैफिक अंबेडकर चौक से होते हुए मीरी-पीरी चौक से गुजर रहा था।

हालात की नजाकत को समझते हुए प्रशासन ने विश्वकर्मा चौक से अंबेडकर चौक तक बैरियर लगा दिए हैं। गुलजारी लाल नंदा मुख्य मार्ग पर स्थित विश्वकर्मा चौक, अंबेडकर चौक, मीरी चौक और देवीलाल चौक तक हिस्सा सील कर दिया गया है।
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यहां से किसी भी वाहन की एंट्री नहीं हो रह है। इधर, सिखों के आंदोलन के कारण लोगों को भी भारी परेशानी झेलने पड़ रही है।

पिछले 30 घंटों से जिस मार्ग पर सिखों ने मोर्चा लगाया है। वह सड़क नगर की लाइफ लाइन है। नगरभर के ट्रैफिक के अलावा इसी सड़क से यमुनानगर, सहारनपुर, कैथल, हिसार, सिरसा, पिहोवा जाने वाली सरकारी बसों और प्राइवेट वाहनों की आवाजाही होती है।

फिलहाल आंदोलन को अनिश्चितकालीन बताया जा रहा है और गुजरने वाले हजारों वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। इन सड़कों पर भी जाम के हालात बने हैं।

झींडा के अल्टीमेटम के बाद रास्ते हुए सील
रविवार को दोपहरा बाद लगभग तीन बजे टास्कफोर्स के पहुंचने और टकराव के हालात पैदा होने पर झींडा ने प्रशासन को एक घंटे के भीतर गुरुद्वारा साहिबान के अंदर से सशस्त्र टास्क फोर्स बाहर निकालने का अल्टीमेटम दिया था।

लेकिन प्रशासन ने गुरुघर से टास्कफोर्स को निकालने की बजाय हाथ खड़े कर दिए। झींडा के अल्टीमेटम का असर ये हुआ कि विश्वकर्मा चौक से लेकर अंबेडकर चौक, मीरी-पीरी चौक, ताऊ देवीलाल चौक एवं छठी पातशाही गुरुद्वारे के सामने से रेलवे रोड गीता स्कूल वाली सड़क को सील कर दिया गया। यहां जगह-जगह बैरियर लगा दिए गए।

खूनखराबा हुआ तो प्रशासन जिम्मेदार : दादूवाल
एचएसजीएमसी की 41 सदस्यीय कमेटी के सदस्य संत बाबा बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि इन हालात में कोई खूनखराबा होता है तो इसके लिए पुलिस-प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अभी तक गुरुद्वारों में बैठे शसस्त्र टास्कफोर्स को बाहर करने में कोई भूमिका नहीं निभाई है।
आंदोलन में मुख्यरूप से ये रहे मौजूद
रविवार को दिनभर चले आंदोलन में एचएसजीएमसी के अध्यक्ष के अलावा महासचिव जोगा सिंह, उपाध्यक्ष एवं एसजीपीसी मेंबर हरपाल सिंह पाली, बाबा गुरमीत सिंह त्रिलोकेवाला, अवतार सिंह चक्कू, अपार सिंह, हरमनप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।

रात को अलग और सुबह अलग दिखे त्रिलोकेवाला
गुरुद्वारे में रविवार को सुबह एक अलग दृश्य नजर आया। क्योंकि विरोधी झींडा ग्रुप की एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य गुरमीत सिंह त्रिलोकेवाला कुछ साथियों के साथ छठी पातशाही में दिखे।

दरअसल, शनिवार देर रात को मोर्चा लगाने की आक्रामक अपील करने वाले गुरमीत सिंह त्रिलोकेवाला रविवार को सुबह प्रसन्नचित मुद्रा में एसजीपीसी अमृतसर के कार्यकर्ताओं के साथ छठी पातशाही गुरुद्वारे में दिखे।

उल्लेखनीय है कि एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीदार सिंह नलवी शनिवार की रात को मोर्चा उठाने के पक्ष में दिख रहे थे।

मोर्चा रहेगा या नहीं, इसके लिए 11 सदस्यीय बैठक मोर्चा स्थल पर ही हुई। लेकिन इस बैठक में मौजूद एचएसजीएमसी की एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य त्रिलोकेवाला बायकाट कर मुखर हो गए थे।

उन्होंने मीडिया के सामने खुलासा किया कि सरकार उनका कोई सहयोग करने वाली नहीं है। वे किसी भी सूरत में यहां से मोर्चा नहीं उठाएंगे।

इस विरोध स्वर के बाद ही झींडा-नलवी ने भी यू टर्न लिया था और मोर्चा जारी रखने का ऐलान किया था। रविवार को सुबह गुरुद्वारे के भीतर एसजीपीसी कार्यकर्ताओं के साथ त्रिलोकेवाला की क्या गुफ्तगू हुई। इस पर दोनों पक्षों ने जानकारी देने से इंकार कर दिया।  
यह है एसजीपीसी के पास सूचना
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सूचना मिली थी कि झींडा ग्रुप की योजना है कि छठी पातशाही गुरुद्वारे में चार, पांच या छह की संख्या में कुछ लोग दरबार साहिब में माथा टेकने के बहाने प्रवेश कर सकते हैं।

एसजीपीसी के पास सूचना पहुंची थी कि प्रवेश करने वाले ये लोग गुरुद्वारे में एक-एक करके भी प्रवेश कर सकते हैं और इसके बाद इनमें से आधे लोग भीतर रहेंगे और आधे बाहर आ सकते हैं। इस सूचना के बाद से गुरुघर में आवाजाही करने वाली संगत पर पूरी नजर रखी जा रही है।

सुबह हथियार नीचे, अखबार हाथों में
शनिवार से मोर्चे पर डटे एचएसजीएमसी के नेताओं की सुबह रविवार को सड़क पर हुई। सिलसिले वार कुछ समर्थक रात को सोए तो कुछ ने जागते हुए जो बोले सो निहाल के उद्घोष किए।

बैठने और लेटने के लिए मेन रोड पर दरियां बिछाई थीं। सेवादारों ने तड़के कई अखबार मोर्चे पर उपलब्ध कराए। नींद खुलते ही मोर्चे पर डटी संगतों के हथियार जमीन पर नजर आए और अखबार हाथों में।
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पूरी रात मच्छरां नै की जमकै पार्टी
मोर्चे पर डटे और थोड़ी देर की नींद लेने वाले रविवार को सुबह अपने अनुभव सांझा करते दिखे। इनमें अधिकांश ने जहां बिजली का प्रबंध न होने का रोना रोया, वहीं इनमें से हंसते हुए एक जनाब बोले कि भाई पूरी रात मच्छरां नैं की जमकै पार्टी।
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