ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में मंगलवार सुबह भी बाहर से संगत पहुंची। बोले सो-निहाल का उद्घोष करते हुए संगत बस से उतरी और फिर गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश कर गई, जहां पहले से मौजूद संगत व निहंग साहिब तथा अन्य एसजीपीसी कर्मियों ने उनका स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि जब से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बिल पर राज्यपाल ने हस्ताक्षर किए है उस समय से हरियाणा-पंजाब की सिख राजनीति में गतिविधियां तेज हो गई।
जहां अलग कमेटी के नेता जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी व अन्य बैठकें कर रणनीति बनाने में जुटे हैं, वहीं शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के साथ-साथ पंजाब से भी अकाली नेता और निहंग सिंह तथा अन्य संगत के आने का सिलसिला जारी है।
हालांकि यह मुद्दा कब तक ठंडा होगा, यह कहना मुश्किल है लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारापों का दौर जारी है। दूसरी ओर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क मंगलवार को भी गुरुद्वारा साहिब में रहे।
जबकि स्थानीय अकाली नेताओं के साथ अन्य जिलों से पहुंचे शिरोमणि अकाली दल के पदाधिकारी भी यहां डटे हैं। वहीं कभी एसजीपीसी के जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ और कभी सांसद प्रो प्रेम सिंह चंदूमाजरा यहां संगत से रूबरू होकर हालातों का जायजा ले रहे हैं।