चढूनी ने कहा की डीएपी का पर्याप्त स्टॉक प्रदेश में नहीं है और जो खाद है उसकी कालाबाजारी की जा रही है। दुकानदारों द्वारा किसानों को जबरन ग़ैर ज़रूरी दवाईया साथ में लेने के लिए मज़बूर किया जा रहा है जो कि गैरकानूनी है और इस मामले कृषि विभाग व सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। चढूनी ने चेतावनी दी कि सरकार तुरंत इस कालाबाजारी पर लगाम लगाकर पर्याप्त खाद किसानों को उपलब्ध करवाए अन्यथा भाकियू(चढूनी) कोई सड़कों पर उतरने को मज़बूर होगी। उधर कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना ने कहा की सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य इस वर्ष के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाना चाहिए और गन्ना मिलों में पिराई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू की जानी चाहिए