शिरोमणि अकाली दल (बादल) के बाद अब सर्व प्रदेश गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। इसके लिए कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने उत्तर प्रदेश के सिख और पंजाबी बाहुल्य 10 जिलों का दौरा करके सिखों की राय भी ली है। यह जानकारी रविवार को जगदीश सिंह झींडा ने डेरा बाबा चरण सिंह (कार सेवा) में पत्रकारों को दी।
उन्होंने बताया कि पंजाब के बाहर यूपी, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश आदि में रहने वाले सिखों का मानना है कि शिअद संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने सदैव ही उनकी उपेक्षा की है। इसलिए वे हरियाणा की तर्ज पर अपने-अपने प्रदेशों में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की स्थापना करना चाहते हैं। इसके लिए सर्व प्रदेश गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित की गई है।
इससे एक नया अखिल भारतीय गुरुद्वारा एक्ट बनवाया जा सकेगा। झींडा ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर, मुज्जफरनगर, पीलीभीत, बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद, लखनऊ, लाखीमपुर खेड़ी, सीतापुर और आगरा का दौरा करके 20 सिख और पंजाबी बाहुल्य क्षेत्रों की पहचान की है।
यहां से सर्व प्रदेश गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी संपर्क किया जा रहा है। जो पार्टी उत्तर प्रदेश में उन्हें समर्थन देगी। वे भी पंजाब विधानसभा चुनावों में उसी दल का समर्थन करेंगे।
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पंजाब विधानसभा का चुनाव नहीं लडे़ंगे, लेकिन पंजाब में उस पार्टी को सहयोग करेंगे, जो यूपी में उनका साथ देगी। इस मौके पर कमेटी के वरिष्ठ उप प्रधान हरमनप्रीत सिंह, बलदेव सिंह, नवदीप सिंह चट्ठा, बलवंत सिंह फौजी, सरूप सिंह आदि मौजूद रहे।
एसजीपीसी कर रही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना
एचएसजीपीसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी)सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है। शाहाबाद मीरी पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च की जमीन पर लगे कीमती पेड़ काट कर औने-पौने दामों पर बेच दिए गए हैं।
उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की। झींडा ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का मामला देश की सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन है। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा में एसजीपीसी की सारी संपत्ति और गुरुद्वारा साहिबान में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हुए हैं। इसके बाद भी मीरी पीरी की जमीन पर लगे कीमती पेड़ों को पिछले दिनों काट दिया गया। ऐसा करके एसजीपीसी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। वे इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।